पटना: बिहार में भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज में तैनात डीएसपी गौतम कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। इस छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति के चौंकाने वाले साक्ष्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि डीएसपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिहार समेत देश के कई शहरों में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित की है।
EOU की टीम ने पटना सहित कई स्थानों पर छापेमारी की, जहां से जमीन के दस्तावेज, बैंक पासबुक, चेकबुक और भारी रकम के लेन-देन से जुड़े प्रमाण बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गौतम कुमार ने अपने करियर की शुरुआत एएसआई के रूप में करते हुए ही अवैध संपत्ति बनानी शुरू कर दी थी, जो समय के साथ बढ़ती गई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उन्होंने अपनी पत्नी, रिश्तेदारों के अलावा अपनी गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम के नाम पर भी कई जगहों पर जमीन खरीद रखी है। पूर्णिया के झंडा चौक, लाइन बाजार और डगरुआ क्षेत्र में कई बीघा जमीन के साथ-साथ एक आलीशान चार मंजिला मकान भी बनाया गया है, जहां उनका परिवार रहता है। इसके अलावा सिलीगुड़ी, गंगटोक, गुरुग्राम और पुणे जैसे शहरों में भी संपत्ति में निवेश के साक्ष्य मिले हैं।
EOU की जांच में यह बात भी सामने आई है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए डीएसपी ने जमीन की कीमत कम दिखाकर खरीदारी की और पैसों को अलग-अलग खातों के माध्यम से ट्रांसफर किया। इतना ही नहीं, दूसरे लोगों के नाम पर सिम कार्ड और वाहन भी खरीदे गए। जानकारी के अनुसार एक क्रेटा और दो थार गाड़ियां भी अलग-अलग नामों पर खरीदी गईं, जिनका उपयोग खुद और परिवार के सदस्य करते थे।
गौतम कुमार 1994 में एएसआई के रूप में भर्ती हुए थे, 2013 में इंस्पेक्टर बने और 2019 में डीएसपी पद पर पदोन्नत हुए। वर्तमान में वे किशनगंज में एसडीपीओ-1 के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर EOU ने जांच शुरू की है, जिसमें अब तक बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
फिलहाल EOU की टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।

