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डीजल अनुदान : पहले ही दिन साइट में गड़बड़ी : नहीं हुआ एक भी आवेदन

Nalanda : मानसून की बेरुखी से परेशान किसानों को राहत देने वाली खबर है। खरीफ फसलों की पटवन के लिए डीजल अनुदान मिलेगा। 29 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी। हालांकि, पहले दिन साइट में तकनीकी खामियों की वजह विभाग का डीबीटी पोर्टल नहीं खुला। इसके कारण एक भी आवेदन नहीं हो सका। कई धरती पुत्र आवेदन के लिए साइबर कैफे आये तो जरूर। लेकिन, मायूस होकर लौट जाना पड़ा।

खेतों की सिंचाई के लिए प्रति एकड़ छह सौ रुपया का अनुदान दिया जाएगा। एक किसान अधिकतम आठ एकड़ की सिंचाई के लिए सब्सिडी ले सकेंगे। धान, मक्का, अन्य दलहनी फसलें, मौसमी सब्जियां, औषधीय एवं सुगंधित फलसों के तीन बार पटवन के लिए अधिकारी 18 सौ तो बिचड़ा और जून की खेती की दो बार सिंचाई के लिए 12 सौ रुपया का अनुदान मिलेगा। रैयत के साथ ही गैर रैयत किसानों को भी डीजल अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। शर्त यह कि गैर रैयत को वार्ड सदस्य से सत्यापन और कृषि समन्वयक से पहचान कराकर ही आवेदन करना पड़ेगा। डीजल अनुदान उन्हीं किसानों को मिलेगा जो विभाग द्वारा निबंधित हैं।

आवेदन साथ ये कागजात जरूरी:

डीजल अनुदान लेने के लिए किसानों को जमीन की रसीद, डीजल खरीद का कैसमेमो (किसान निबंधन संख्या के साथ) व बैंक डिटेल्स देना होगा। कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जरूरी जानकारियां के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

दिखाना होगा डीजल इंजन:

प्राप्त आवेदनों की जांच करने की जवाबदेही कृषि समन्वयकों को दी गयी है। खास यह कि भौतिक सत्यापन के समय किसान को खेतों की सिंचाई में इस्तेमाल किये गये डीजल इंजन को भी दिखाना होगा।

कहते हैं अधिकारी

डीजल अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जरूरी दस्तावेज के साथ किसान आवेदन करें। प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद किसानों के खाते में अनुदान की राशि भेज दी जाएगी। “संजय कुमार, जिला कृषि पदधिकारी”

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