13 दिसंबर के बाद विवाह के शुभ मुहूर्त के लिए फिर करना होगा डेढ़ महीना इंतजार

तेघरा (बेगूसराय) देवोत्थान एकादशी के साथ ही जिले में चारों ओर शहरों से गांव तक शादी विवाह का माहौल दिखने लगा है कोविड-19 के कारण शादी विवाह प्रतिबंधित थे जिस कारण सीमित संसाधनों एवं आयोजनों के बीच विवाह समारोह चल रहा था लेकिन कोविड-19 के वैक्सीनेशन के साथ अब उत्सवी माहौल फिर से बनने लगा है । वैसे बिहार सरकार ने अभी भी शादी में डीजे पर प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है । शादी में लोग डीजे और जुलूस में शामिल हो ही रहे हैं।
वैसे तो विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री रामचंद्र एवं सीता का विवाह उत्सव मनाया जाता था उसके बाद विवाह का मुहूर्त होता था या आम लोग भगवान राम और माता सीता विवाह के बाद ही विवाह करते थे लेकिन मैथिली पंचांग के अनुसार उसके पूर्व ही विवाह का मुहूर्त है एवं 13 दिसंबर को वर्ष 2021 का अंतिम विवाह मुहूर्त होगा इसलिए लोग विवाह आदि उत्सव कर रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री कहते हैं कि दिनांक 16 अगस्त को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे जिसके पश्चात शुभारंभ प्रारंभ हो जाएगा और और उसके बाद 14 जनवरी को सूर्य जब मकर राशि में जाएंगे उसके बाद 23 जनवरी से ही पुनः विवाह का मुहूर्त होगा इस बीच का समय अशुद्ध रहेगा जिसमें विवाह वर्जित माना गया है।

तेघरा से अशोक कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *