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तिलक एवं स्व निर्मित राखी चाइनीस संस्कृति के बहिष्कार का प्रतीक : एबीवीपी

महिला कॉलेज में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मनाया रक्षाबंधन

बेगूसराय :महिला कॉलेज में अभाविप कार्यकर्त्ताओं ने रक्षाबंधन का पर्व मानते हुए छात्राओं से अपनी कलाईयों पर राखियाँ बंधवाई और उनकी रक्षा का संकल्प लिया साथ ही उन्हें उपहार स्वरूप पौधे देकर उन्हें पर्यावरण की रक्षा का संकल्प दिलाया। इसका नेतृत्व अभाविप के प्रान्त छात्रा सह प्रमुख स्वेत निशा ने किया। वहीं अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अजीत चौधरी ने कहा कि आज जो रक्षाबंधन कार्यक्रम छात्राओं के बीच किया गया है. उसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं में जो भय का वातावरण बना हुआ है, उसे दूर करना है। अक्सर कालेज एवं चौक चौराहे पर छात्राओं के साथ छेड़खानी एवं छीटाकशी की जाती है। 21 वी शताब्दी में कई अभिभावक अपनी बेटियों को अकेले पढ़ने नही भेजते हैं इसलिए एबीवीपी हर साल महिला कॉलेज में छात्राओं के बीच रक्षाबंधन का कार्यक्रम करती है तथा उनके हर परेशानियों को दूर करने का संकल्प लेती है। राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख कन्हैया कुमार व विभाग प्रमुख विजेंद्र कुमार ने कहा कि यूं तो भारत में भाई-बहनों के बीच प्रेम और कर्तव्य की भूमिका किसी एक दिन की मोहताज नहीं है पर रक्षाबंधन के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की वजह से ही यह दिन इतना महत्वपूर्ण बना है। बरसों से चला आ रहा यह त्यौहार आज भी बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जिला संयोजक सोनू कुमार व प्रान्त छात्रा सह प्रमुख स्वेत निशा ने बताया कि अज्ञानता व चकाचौंध से भरपूर दिखने के लिए आम जन चाइना की राखी का इस्तेमाल कर लेते हैं व जाने अनजाने में वैसे देश का हम साथ दे जाते जो कदम कदम पर भारत का विरोध करते हैं। इसलिए एबीवीपी चाइना की बनी वस्तुओं का बहिष्कार करती है। मौके पर उपस्थित नगर मंत्री पुरषोत्तम कुमार व प्रदेश कार्यकारणी सदस्य आदित्य कुमार ने कहा कि आज के इस रक्षाबंधन में इस्तेमाल राखी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के द्वारा ही बनाया गया है। मौके पर अंशु ,अमन ,रौशन, सोनल प्रिया ,मनीषा ,ज्योति ,पल्लबी ,धीरज,शिव ,अजीत ,विवेक ,संगम ,सुधा व अन्य मौजूद रहे।

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