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निगरानी विभाग के रडार पर बिहार के फर्जी शिक्षक : नालंदा में 20 के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR

सिलाव में शुक्रवार को एक फर्जी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वहीं, 20 फर्जी शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. सिलाव थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिलाव प्रखंड के बिंडीडीह मध्य विद्यालय में पदस्थापित था और शेखपुरा जिले के शेखोपुर थाना के मियां बिगहा गांव का रहने वाला है. वह आठ वर्ष से नौकरी कर रहा था.

विजिलेंस की जांच में फर्जी निकला प्रमाण पत्र

बता दें कि विजिलेंस की जांच में उसका प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया था. सिलाव में अब तक जांच के दौरान 127 फर्जी शिक्षकों की पहचान की गयी है. जबकि, अब भी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच चल रही है. जिले में सबसे अधिक सिलाव प्रखंड में ही फर्जी शिक्षकों का मामला दो साल पहले ही आया था. इससे शिक्षा विभाग हड़कंप मच गया था. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी पूनम कुमारी ने सिलाव प्रखंड में फर्जी शिक्षकों की जांच शुरू की थी. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, 127 फर्जी शिक्षक सामने आये.

निगरानी विभाग ने शुरू की जांच

कार्यक्रम पदाधिकारी ने इन फर्जी शिक्षकों की रिपोर्ट तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंप दी थी. इसके बाद दहशत फैलाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग के एक कंप्यूटर ऑपरेटर को हरनौत के पास गोली मार कर घायल कर दिया गया था. तब से यह जांच ठंडे बस्ते में चला गया था. अब निगरानी विभाग ने फर्जी शिक्षकों की जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

गिरफ्तारी से फर्जी शिक्षकों में हड़कंप

निगरानी विभाग इसके पहले भी जिले के करीब दो दर्जन फर्जी शिक्षकों पर विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है. जबकि, शुक्रवार को सिलाव थाने में 20 अन्य फर्जी शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. जिले में फर्जी शिक्षकों के मामले का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत इनके प्रमाणपत्र मांगे जाने के बाद हुआ था. सूत्र बताते हैं कि सिलाव में बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षकों की बहाली हुई है. इस गिरफ्तारी से फर्जी शिक्षकों में हड़कंप मच गया है.

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