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मोतिहारी : पीपल की छाँव में पोषण की जानकारी 

  • मधुबन, ढाका, रक्सौल सहित कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गोदभराई कार्यक्रम का हुआ आयोजन

मोतिहारी , 07 सितम्बर 22 

मातृ पोषण स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को जिले के मधुबन, ढाका, रक्सौल, सहित कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण की जानकारी के साथ गोदभराई रस्म का आयोजन पीपल की छाँव में किया गया। आईसीडीएस के डीपीओ शशिकांत पासवान ने बताया कि हर माह की 7 तारीख़ को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म आयोजित की जाती है। इस बार पीपल या अन्य वृक्षों की छाया में गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

गोदभराई का उद्देश्य महिलाओं में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है-

डीपीओ शशिकांत पासवान ने बताया कि गोदभराई दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। गर्भावस्था में महिलाओं को खान-पान द्वारा अपना व अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का भी ध्यान रखना होता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में प्रतिदिन हरे साग-सब्जी, मूंग की दाल, सतरंगी फल, सूखे मेवे एवं दूध, सप्ताह में दो से तीन बार, अंडे, मांस, आदि  महिलाओं को खाना चाहिए।

सामान्य प्रसव के लिए उचित पोषण जरूरी-

मधुबन सीडीपीओ कुमारी रेखा ने बताया कि आज मधुबन केंद्र संख्या 50, 51, 126, के साथ चकिया, मेहसी में वार्ड नं 3 आंगनबाड़ी संख्या 128 पर गर्भवती महिलाओं को चुनरी ओढ़ाकर और टीका लगाकर गोदभराई रस्म पूरी की गई। सभी महिलाओं को अच्छी सेहत के लिए पोषण की आवश्यकता व महत्व के बारे में जानकारी दी गई। सीडीपीओ रीमा कुमारी व तेज कुमारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार के साथ बेहतर पोषण और प्रसवपूर्व जांच की जानकारी दी गई, ताकि जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। गर्भधारण में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इस मौके पर महिलाओं को स्तनपान के महत्व को भी बताया गया। उन्हें बताया गया कि बच्चे के लिए माँ का पीला एवं गाढ़ा दूध पिलाया जाना बेहद जरूरी है।

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