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बेतिया : अब सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर माह के 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस

  • सितंबर 2021 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हर महीने 21 तारीख को मनाया जा रहा है परिवार नियोजन दिवस
  • पीएचसी, अर्बन पीएचसी और क्रियाशील हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर परिवार नियोजन दिवस के आयोजन को लेकर जारी की गई राशि

बेतिया। 07 सितम्बर 

जिले के सभी क्रियाशील हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्र) स्तर पर अब प्रत्येक महीने की 21 तारीख को “परिवार नियोजन दिवस” मनाया जाएगा । इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पश्चिमी चंपारण सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिया है। सिविल सर्जन डॉ बिरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि 2021 के सितंबर महीने से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन पीएचसी) पर प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस का आयोजन किया जा रहा है। अब कार्यक्रम को क्रियाशील हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर पर विस्तारित किया जाना है।

बास्केट ऑफ चॉइस से आम जनों को किया  जायेगा जागरूक-

जिला योजना समन्वयक सह नोडल अधिकारी अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 166 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कार्यरत हैं, इस पर आम जनों को बेहतर मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य में परिवार नियोजन की भूमिका, परिवार नियोजन के लिए उपलब्ध विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी देते हुए योग्य दंपतियों के द्वारा इच्छित सेवा की तत्काल उपलब्धता अथवा पंजीकरण किया जाना है। इसके साथ ही गर्भ निरोधक के बास्केट ऑफ चॉइस से भी आम जनों को जागरूक करने तथा परिवार नियोजन सेवा की स्वीकार्यता बढानी है।

राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा आवंटित की गई राशि- 

जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022- 23 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के आयोजन के लिए 3000/- रुपए प्रति माह और क्रियाशील हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एपीएचसी और हेल्थ सब सेंटर) के लिए 2000/- रुपया प्रति माह अनुमोदित की गई है। इस राशि से परिवार नियोजन परामर्श कक्ष अथवा परामर्श के लिए उचित स्थान को सुसज्जित करने एवं आने वाले योग्य दम्पियों के लिए मौलिक सुविधाएं जैसे बैठने की व्यवस्था, पंखा, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था के साथ -साथ प्रचार-प्रसार पर खर्च करना है।

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