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सीतामढ़ी : राष्ट्रपति करेंगी प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ, जिले में भी होगा कार्यक्रम

-राष्ट्रपति लगमा के सीएचओ प्रणव कुमार से करेंगी वर्चुअल संवाद

सीतामढ़ी। 8 सितंबर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 9 सितंबर को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का वर्चुअल शुभारंभ करेंगी। इसका उद्देश्य देश से 2025 तक क्षय रोग (टीबी) का उन्मूलन करना है। राष्ट्रपति के इस वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन जिले में भी किया जाएगा। डुमरा पीएचसी अंतर्गत लगमा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा अधिकारी, जिला यक्ष्मा केंद्र से जुड़े कर्मी, आशा, एएनएम आदि शामिल होंगी।

लगमा कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर से राष्ट्रपति करेंगी संवाद-

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के शुभारंभ पर अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ संवाद करेंगे। इसके लिए बिहार राज्य से तीन जिलों के प्रतिनिधियों का चयन किया गया है। जिसमें से एक सीतामढ़ी जिला से हैं। सीतामढी के लगमा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर प्रणव कुमार से राष्ट्रपति संवाद करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ संवाद में प्रणव कुमार टीबी उन्मूलन के लिए किये जा रहे कार्यों को बताएंगे। इस मौके पर राष्ट्रपति हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर को वर्चुअली देखेंगी और टीबी मरीजों से भी बात करेंगी।

टीबी उन्मूलन के लिए चल रहा अभियान- 

जिला यक्ष्मा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2025 तक देश को टीबी रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिले में जिला यक्ष्मा केंद्र का टीबी के खिलाफ मजबूती से अभियान चल रहा है। इसके लिए सदर अस्पताल से लेकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाकर लोगों की नियमित जांच की जा रही है।  ईंट-भट्ठों, झुग्गी झोपड़ियों, धूल-मिट्टी से भरे कार्य स्थलों पर भी समय-समय पर जांच शिविर भी लगाया जा रहा है। अगर जांच में टीबी रोग के लक्षण मिलते हैं, तो उनका इलाज शुरु किया जाता है। उसकी पूरी जानकारी निक्षय पोर्टल पर भी दी जाती है।

आम लोग भी करें सहयोग-

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जिले में टीबी की विश्वसनीय जांच व सम्पूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए जैसे ही आपको टीबी के लक्षण दिखे, न घबराएं व लजाएं। सीधे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाएं और डॉक्टर से सलाह व मुफ्त में दवा लेकर इसका सेवन शुरू कर दें। अधिक से अधिक लोग टीबी के लक्षणों के बारे में जानें और अपने आसपास रहने वाले लोगों में यदि कोई लक्षण दिखे तो जांच के लिए प्रेरित करें। इससे हमें अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। टीबी उन्मूलन के लिए आम लोग का सहयोग आवश्यक है। 

टीबी के लक्षण

दो हफ़्ते या अधिक समय तक खांसी आना; पहले सूखी खांसी तथा बाद में बलगम के साथ खून का आना

रात में पसीना आना; चाहे मौसम ठंड का क्यों न हो

लगातार बुखार रहना

थकावट होना और सांस लेने में परेशानी होना

वजन घटना

बचाव के उपाय

जांच के बाद टीबी रोग की पुष्टि होने पर दवा का पूरा कोर्स लें।

मास्क पहनें तथा खांसने या छींकने पर मुंह को पेपर नैपकीन से कवर करें।

मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूकें।

मरीज हवादार और अच्छी रौशनी वाले कमरे में रहें। एसी से परहेज करें।

पौष्टिक खाना खाएं। योगाभ्यास करें।

बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तम्बाकू, शराब आदि से परहेज करें।

भीड़भाड़ वाली गंदी जगहों पर जानें से बचें।

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