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सीतामढ़ी : निक्षय पोषण योजना से यक्ष्मा मरीजों को 40 लाख रूपये का भुगतान

 – पोस्ट मेगा ईएमटीसीटी हेल्थ कैंप एवं राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित, सिविल सर्जन ने की अध्यक्षता

सीतामढ़ी। 22 सितंबर

सिविल सर्जन सीतामढ़ी की अध्यक्षता में पोस्ट मेगा ईएमटीसीटी हेल्थ कैंप एवं राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक जिला स्वास्थय समिति सभाकक्ष में हुई। बैठक में सिविल सर्जन ने दुर्गा पूजा के बाद 14 अतिरिक्त ईएमटीसीटी हेल्थ कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। कैंप में ड्यूलिस्ट रजिस्टर का अध्ययन कर शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का एचआईवी एवं अन्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विगत माह में आयोजित 119 मेगा ईएमटीसीटी हेल्थ कैंप में 64% अचीवमेंट रही थी। वीएचएनडी साइट पर ग्रीन चैनल के माध्यम से एचआईवी किट की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश दिया गया।

टीबी जांच के लिए मरीजों को रेफर करें-

जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी सह जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वाहय विभाग में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी को लक्ष्य के अनुरूप यक्ष्मा जांच हेतु मरीजों को रेफर करना सुनिश्चित कराएं। सितंबर में अब तक मात्र 43 परसेंट टीवी नोटिफिकेशन हो सका है। इसपर उन्होंने नाराजगी जताई। प्रयोगशाला प्रावैधिक द्वारा किए जा रहे कार्यों का दैनिक अनुश्रवण करते हुए प्रतिदिन व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही अपने क्षेत्र अंतर्गत प्राइवेट प्रैक्टिशनर से संपर्क कर टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने हेतु आवश्यक प्रयास करने के लिए कहा गया। कोमोरबिडिटी रिपोर्ट में विगत माह में निबंधित किए गए मरीजों का एचआईवी 88 प्रतिशत, डायबिटीज 83 प्रतिशत, तंबाकू 61 प्रतिशत, अल्कोहल 55 प्रतिशत एवं कोविड-19 स्क्रीनिंग 66 परसेंट पाया गया। अतः शत प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

40 लाख रूपया यक्ष्मा मरीजों को भुगतान-

डा मनोज कुमार द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 87 लाख 90 हजार रुपया निक्षय पोषण योजना मद में यक्ष्मा मरीजों को दिए जाने हेतु प्राप्त हुआ है। वर्तमान समय तक लगभग 40 लाख रूपया यक्ष्मा मरीजों को भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि का शीघ्र भुगतान किया जाना है। इसके लिए डीबीटी कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। जिन मरीजों का बैंक डिटेल्स अभी तक पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है, उनसे संपर्क कर शीघ्र अपलोड करने के लिए कहा गया। 

जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश-

यक्ष्मा मरीज जो न्यूट्रीशनल सपोर्ट  प्राप्त करने हेतु तू सहमत हैं, उनसे कंसेंट फॉर्म प्राप्त किया जाना है। जिले में वर्तमान में ऑन ट्रीटमेंट यक्ष्मा मरीजों का 32% कंसेंट प्राप्त हुआ है, जिसे संबंधित एसटीएस को निर्देशित करते हुए शत प्रतिशत अपलोड किए जाने का निर्देश दिया गया। कार्यक्रम के  प्रचार प्रसार हेतु प्रतिमाह स्कूल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम, चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक, सरकारी विभागों एवं एजेंसी के साथ तालमेल, निजी क्षेत्र में प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों से संपर्क, धर्म गुरुओं के साथ बैठक, एडिटोरियल मीडिया इंगेजमेंट, प्रखंड स्तर पर सोशल मीडिया ग्रुप में एक्टिविटी, कम्युनिटी इंगेजमेंट एक्टिविटी, ब्लॉक टीवी फोरम का गठन, समय-समय पर टीवी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर, सीएचओ, एएनएम एवं चिकित्सकों को प्रशिक्षण का आयोजन किए जाने हेतु प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया। बैठक में डीपीएम असित रंजन, डीपीसी रंजय कुमार, डीईओ सह लेखापाल रंजन शरण, एसटीएलएस संजीत कुमार एवं सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, एचआईवी काउंसलर एवं प्रयोगशाला प्रावैधिक शामिल हुए। 

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