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मुजफ्फरपुर : पोषण माह के तहत निकाली जागरूकता रैली

  • सॉप सीढ़ी खेल के माध्यम से बताये पोषण के उतार चढ़ाव 

मुजफ्फरपुर। 23 सितंबर

मुजफ्फरपुर जिला के दो प्रखंडों बोचहॉ व कांटी में शुक्रवार को किशोर किशोरी के साथ कांटी के मानिकपुर नरोत्तम पंचायत में वार्ड सदस्या कल्पना कुमारी, बोचहॉ के मझौली पंचायत के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति के सदस्य मुन्ना कुमार, देवगण पंचायत के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति के अध्यक्ष प्रखंड के अलग अलग पंचायतों में  पंचायत के विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा सॉप सीढ़ी के खेल के माध्यम से जीवन में पोषण के उतार चढ़ाव की बेहतर जानकारी दी गई। इन सभी कार्यक्रमों को सेंटर फॉर कैटेलाईजिंग चेंज पटना द्वारा संचालित कार्यक्रम (पंचायती राज जनप्रतिनिधि जागरूकता कार्यक्रम) के तहत पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्यों एवं लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति के सदस्यों  द्वारा पंचायत के अलग अलग स्थानों पर आयोजित की गयी। इस कड़ी मे आज बोचहॉ प्रखंड के नरकटीया पंचायत मे वार्ड सदस्या श्रीमती जयकल देवी, गरहॉ पंचायत के समिति के सदस्य शिला देवी के द्वारा समुदाय के महिला एवं किशोर किशोरियों व स्कूली बच्चों के द्वारा निकाली गई पोषण रैली को एक नारा दिया गया कि “पोषण
युक्त पंचायत का है नारा, स्वस्थ्य समाज और देश हो हमारा”। 

इस नारे के साथ किशोर एवं किशोरियों के साथ गर्भवती में होने वाले एनिमिया जैसे बीमारी को ना पनपने देने के लिए गर्भावस्था से ही महिलाओं के स्वास्थ्य का समुचित देखभाल, उनके खाने में पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने, शरीर को आराम, किशोरी व किशोर के खाने में केवल वैसा तत्व न हो जिससे पेट भरे बल्कि विटामिन, मिनरल, कैल्शियम, प्रोटीन युक्त भोजन की अधिकता होने चाहिए, जिससे उनके शरीर का समुचित विकास हो सके और किसी बीमारी के अंदेशा से दूर रह सके। सी 3 के जिला समन्वयक अभय कुमार द्वारा बताया गया कि यदि आपके परिवार या समाज में  कोई वैसा बच्चा दिखे जो समय के साथ सही ग्रोथ नहीं कर रहा है, इसका मतलब वह कुपोषण का शिकार हो सकता है, इसलिए उसे तुरंत अपने नजदीकी ऑगनबारी केंद्र पर जहॉ कुपोषण के जॉच के लिए पैमाना मौजूद है, पर ले जायें और यदि बच्चा कुपोषित हुआ तो जिला के सदर अस्पताल प्रांगण में स्थित एन आर सी केंद्र में भर्ती करे जहॉ बच्चों के साथ साथ उसके मॉ के रहने खाने पीने की समुचित व्यवस्था है और वहॉ रहकर बच्चा कुपोषण के दायरे से बाहर निकल कर स्वस्थ्य हो जाएगा।

सॉप सीढ़ी के खेल के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि हम कुछ समय के लिए कुछ अच्छा खाना पीना करते हैं तो हमारा शारीरिक विकास दिखने लगता है और हम पोषण रूपी सीढ़ी से उपर चढ़ते जाते है और हमें लगता है कि इतने से हमारा जीवन चलता रहेगा और हम लापरवाह हो जाते है तो हमे कुपोषण रूपी सॉप के द्वारा डंस लिया जाता है और फिर हम सीढ़ी से नीचे गिर जाते है यानी शरीर से दुर्बल और कमजोर होते हुए बीमार दिखने लगते है। आज के इस आयोजन में  आंगनबारी सेविका, प्राथमिक विद्यालय गरहॉ के शिक्षकों के तरफ से इन सभी कार्यक्रमों में सहयोग मिला। इन सभी कार्यक्रमों में जिला समन्वयक अभय कुमार, क्षेत्रीय समन्वयक डौली, रीता व रागिनी की उपस्थिति बनी रही।

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