किसान आंदोलन के वर्षगांठ को आंदोलन के रूप में मनाया गया

तेघरा ( बेगूसराय) बेगूसराय 26 नवम्बर 2021, किसान आंदोलन भारत सरकार द्वारा सभी जायज मांगों को पूरा किए जाने तक जारी रहेगा, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर 2021 को विश्व का ऐतिहासिक आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर देश भर में आयोजित आंदोलन के तहत आज बिहार के सभी जिला मुख्यालयों अथवा प्रखंड मुख्यालयों पर ए.आई .के.एस.सी.सी के बैनर लेकर किसान धरना, प्रदर्शन ,प्रतिरोध मार्च एवं विजय जुलूस के आयोजन के क्रम में बेगूसराय समाहरणालय सहित बरौनी, भगवानपुर, मंसूरचक, कार्यालय पर धरना प्रदर्शन एवं विजय जुलूस निकाला गया, बरौनी एवं भगवानपुर प्रखंड पर धरना को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि 700 से ज्यादा किसानों की शहादत की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मोदी सरकार को इस्तीफा देना चाहिए, प्रधानमंत्री पूंजीपतियों के हाथों देश के किसानी को देना चाहती है, केन्द्र सरकार पूंजीपतियों का लठैत बनकर पहले किसानों को दिल्ली आने से रोका, किसान आंदोलन के ऊपर झूठे आरोप लगाए ,तरह-तरह के जुल्म ढाए, गोलियां चलाई, लाठियां बरसाई,गाड़ियों से किसानों को रौदा, आतंकवादी, खालिस्तानी, देशद्रोही कहा, परंतु देश दुनिया में व्यापक जनसमर्थन हासिल इस जन आंदोलन के सामने अंत में अहंकारी मोदी को झुकना पड़ा , यह किसानों की जीत है, आज पूरा देश भर में किसान इकट्ठा होकर सरकार से अपील करने आए हैं कि तीनों किसान विरोधी काले कानूनों को संसद से रद्द किया जाए, कृषि पैदावार का सी-2 के आधार पर लागत का डेढ़ गुना दाम का कानूनी गारंटी तथा बिजली बिल विधेयक 2021 को वापस लेने की मांग भी शामिल था, इस आंदोलन में शहीद हुए किसानों शहीद का दर्जा तथा उन्हें संसद मेंश्रद्धांजलि अर्पित किया जाए, दिल्ली में उनका स्मारक बनाया जाए, उनके परिवार को मुआवजा तथा सरकारी नौकरी दिया जाए, आंदोलन में किसानों पर हुए सभी मुकदमों को वापस लिया जाए तथा जेल यातना भुगतने वालों को मुआवजा दिया जाए, लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के लिए जिम्मेदार अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, बिहार में खाद- बीज की कालाबाजारी पर रोक , खाद बीज का प्रबंध किया जाए, धान अधिप्राप्ति शुरू किया जाए, ए.पी.एम.सी एक्ट 1960 को पुनः बिहार में बहाल करो तथा वाढ एवं वर्षा से बर्बाद हुए फसलों का मुआवजा एवं परती एवं जलजमाव वाली जमीन का मुआवजा दिया जाए, बरौनी में धरना को किसान सभा के जिला सचिव अरविंद सिंह, पैक्स अध्यक्ष नवीन कुमार, मजदूर नेता दिलेर अफगन मौजुद थे।

अशोक कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

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