पूंजीपतियों के द्वारा मजदूरों के शोषण का विकल्प है सहकारिता।

समाज की समृद्धि सहकारिता से ही संभव है:नेशनल युवा कॉपरेटिव सोसायटी तेघरा (बेगूसराय) नेशनल युवा कोऑपरेटिव सोसायटी बेगूसराय द्वारा सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत बरौनी के दा डिस्टिनेशन छात्र युवा एवं शिक्षकों के बीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सहकारिता के इतिहास उद्देश्य एवं उपयोगिता पर व्यापक चर्चा हुई।
युवा कोऑपरेटिव सोसाइटी के जिला प्रतिनिधि अविनाश शास्त्री ने संबोधित करते हुए कहा कि औद्योगिक क्रांति के कारण जब किसानों के पास पूंजी पतियों के शोषण का कोई विकल्प नहीं था तब एक वर्ग पूंजीपतियों के विरुद्ध तथाकथित पूंजीवाद विरोधी आंदोलन कर रहा था जो भी आज वामपंथी कर रहे हैं लेकिन एक दूसरा वर्ग उन मजदूरों का था जोकि छोटी-छोटी राशियों को जमा करके खुद की फैक्ट्री लगा कर कोऑपरेटिव सोसायटी के द्वारा स्वयं एवं अपने देश को समृद्ध कर रहे थे। कोऑपरेटिव समाज को समृद्ध करने का एक सामूहिक प्रयास है और इसी सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है कि देश में कॉपरेटिव बैंक से लेकर दूध उत्पादन खाद निर्माण आदि क्षेत्र में कोऑपरेटिव एक मजबूत समृद्ध विकल्प के रूप में खड़ा हुआ है।
इस अवसर पर विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मिलिंदर कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार कॉपरेटिव की उपयोगिता एवं महत्ता को समझती हूं। इसलिए इसके लिए सहकारिता मंत्रालय का निर्माण किया है।
इस अवसर पर नेशनल युवा कोऑपरेटिव सोसायटी के जिला प्रतिनिधि अविनाश शास्त्री एवं विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मिलिन्दर कुमार ने डायरेक्टर अभिजीत कुमार को अंग वस्त्र से सम्मानित किया।
डायरेक्टर अभिजीत कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक रजनीश कुमार ने किया।

अशोक कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

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