पार्टी संचालन की जवाबदेही वरीयता के आधार पर होनी चाहिए —प्रेम नाथ गुप्ता ।

तेघरा (बेगूसराय) लोक जनशक्ति पार्टी में बीते कई महीनों से मचा हुआ सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला पार्टी के एक सीनियर लीडर प्रेमनाथ गुप्ता के बयानों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कई दशकों तक लोक जनशक्ति पार्टी व दलित सेना का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के साथ लोजपा को सीचने का काम करने वाले नेता प्रेम नाथ गुप्ता ने लोजपा से जुड़ी हुई तमाम याद संघर्षों व क्रियाकलापों पर खुलकर अपनी बातों को मीडिया के सामने रख दिया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय रामविलास पासवान जी ने जो सेवा भाव से देशभर के तमाम वंचित शोषित पीड़ित दलित की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक बुलंद किया उसका फलाफल यह है , कि आज देश भर में लोक जनशक्ति पार्टी के करोड़ों कार्यकर्त्ता है। लोक जनशक्ति पार्टी में बीते कई महीनों से मचा हुआ सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला पार्टी के एक सीनियर लीडर प्रेमनाथ गुप्ता के बयानों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कई दशकों तक लोक जनशक्ति पार्टी व दलित सेना का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के साथ लोजपा को सीचने का काम करने वाले नेता प्रेम नाथ गुप्ता ने लोजपा से जुड़ी हुई तमाम याद संघर्षों व क्रियाकलापों पर खुलकर अपनी बातों को मीडिया के सामने रख दिया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय रामविलास पासवान जी ने जो सेवा भाव से देशभर के तमाम वंचित शोषित पीड़ित दलित की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक बुलंद किया उसका फलाफल यह है , कि आज देश भर में लोक जनशक्ति पार्टी के करोड़ों कार्यकर्त्ता हें।फल स्वरूप रामविलास पासवान ने इनको संथाल परगना नेपाल बिहार के आसपास के कई पड़ोसी राज्यों में संगठन खड़ा करने की जवाबदेही दी और उन्होंने उस जवाबदेही का बखूबी निर्वहन किया । इसी कारण रामविलास पासवान भी कहा करते थे । इनकी छवि से बिहार से लेकर दिल्ली तक के नेताओं में अलग पहचान है, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई भी श्री गुप्ता को खासा प्यार और दुलार देते थे इन्होंने रामविलास पासवान जी के साथ संघर्ष पथ पर कदम से कदम मिलाकर चलने का काम कई दशकों तक किया । फल स्वरूप रामविलास पासवान ने इनको संथाल परगना नेपाल बिहार के आसपास के कई पड़ोसी राज्यों में संगठन खड़ा करने की जवाबदेही दी और उन्होंने उस जवाबदेही का बखूबी निर्वहन किया । उन्होंने दलित सेना और लोजपा में राष्ट्रीय महासचिव के दायित्व का कई सालों तक निर्वहन किया। बिहार में वर्तमान समय में आज भी इमानदारी की प्रतिमूर्ति के रूप में इनके पास सीमित संसाधन में जीवन यापन करने के अलावा कोई उपाय नहीं है। यह समाज सेवा को पहले और परिवार सेवा को दूसरे नंबर पर रखते हैं क्योंकि मेरे जैसे जो भी कार्यकर्ता हैं। जो सालों साल से लोजपा को सीचने का काम किए हैं वह चिराग जी की नेतृत्व के बजाय पशुपति कुमार पारस जी के नेतृत्व को मानते हैं और पारस जी के नेतृत्व में लोजपा पूरे देश भर में अपना मजबूती हासिल कर सकेगी ।

अशोक कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

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