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कालाजार से मुक्ति पर बोले उपेन्द्र – “अब दिहाड़ी करने नहीं जाऊंगा पंजाब”

  • एक ही दिन में हुआ सारा उपचार
  • श्रम क्षतिपूर्ति राशि के तहत मिलेगी 7100 रुपए

सीतामढ़ी। 30 नवंबर

चक्का रसलपुर का उपेन्द्र राम हर बार नवंबर महीने में धान काटने पंजाब जाता था। जाने की तैयारी इस बार भी थी, आखिर पांच बच्चों का भार जो है उसपर। इस बार वह पंजाब चला तो गया, पर उसकी तबीयत इस बार दगा दे रही थी। पंजाब आते ही 11 नवंबर को उसे बुखार हो गया। किसी तरह बुखार में दो तीन दिन उसने काम भी किया , मगर अब उसका शरीर जवाब देने लगा। इसके साथ ही उसके पेट में दर्द भी होने लगा था। मन मारकर वह 18 नवंबर को वापस अपने गांव चला आया । यहां भी ठंड के साथ बुखार ने उपेन्द्र का पीछा नहीं छोड़ा। उसने गांव की ही आशा से संपर्क किया। आशा ने पीएचसी डुमरा जाने की सलाह दी। अस्पताल में बताया गयाा कि उसका तिल्ली और जिगर बढ़ गया है और कालाजार की संभावना है। डुमरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से यह सूचना जिला भीबीडीसी कार्यालय गयी। वहां जांच में कालाजार की पुष्टि हुई। पेट में दर्द का कारण भी ढूंढ लिया गया। विभाग ने काफी तत्परता दिखाते हुए उपेन्द्र के कालाजार का इलाज कराया ।

दो दिन में ठीक हुआ उपेन्द्र का कालाजार

जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि उपेन्द्र को बीते शनिवार ही कालाजार के लिए प्रयुक्त होने वाली सिंगल डोज एम्बीजोम दे दी गयी। इलाज के दौरान उपेन्द्र और उसके एक सहचर को अस्पताल में खाना भी मिलता है। सोमवार को उसे वापस घर भेज दिया गया । अब उसे बुखार नहीं है। एक सूई से दो दिन में कालाजार के 97 प्रतिशत परजीवी नष्ट हो गए। मंगलवार को छिड़काव दल उसके टोला मे कालाजार फैलाने वाले बालू मक्खी के नाश के लिए फिर से घर घर छिड़काव कर रहे हैं और कालाजार के लक्षण वाले रोगियों की खोज भी कर रहे हैं।

इतनी सुविधा उनके जिले में.. सोचा न था

इस तत्परता और इलाज से उपेन्द्र काफी खुश है। वह लोगों में कालाजार को लेकर जागरूकता फैलाने में भी जुट गया है। वह लोगों से कह रहा है कि किसी को 15 दिन से अधिक समय से बुखार है तो सरकारी अस्पताल ले जाओ, कालाजार की जाँच और इलाज बिल्कुल मुफ्त में होता है, और वहाँ बहुत अच्छी व्यवस्था है । उपेंन्द्र कहते हैं कि मेरे जिले में इतनी अच्छी व्यवस्था है, सोचा न था। एक ही दिन में सारी जांच और इलाज भी हो जायेगा और वह भी बिल्कुल मुफ्त । इसके अलावा अब उसका आयुष्मान कार्ड भी बनेगा, ताकि उसके पथरी का इलाज बिल्कुल मुफ्त हो सके।

श्रम क्षतिपूर्ति राशि से उपेंद्र खरीदेगा चौकी

उपेन्द्र को अब पंजाब नहीं जाने का मलाल नहीं है। कालाजार के इलाज के बाद उसका बैंक में खाता भी खुल गया है। उसके खाते में मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना से 6600 और भारत सरकार से 500 रुपए भी मिलेंगे । जो चौकी वह पंजाब से कमाने के बाद खरीदने वाला था, उसे वह इन रुपयों से खरीदेगा, ताकि उसे जमीन पर नहीं सोना पड़े। पूरी तरह ठीक होकर अब वह यहीं मजदूरी करेगा, पंजाब कभी नहीं जाएगा।

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Vishwa
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