Nawada : बिजली बिल सुधार कैंप में नहीं सुनी गई लोगों की फरियाद।

दोपहर 1:30 बजे ही बंद कर दिया गया काउंटर, बैरंग लौटे लोग

Nawada : बिजली बिल सुधार के लिए कैंप का आयोजन करने के नाम पर बिजली विभाग द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को जान-बूझकर परेशान किया जा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बिजली बिल सुधार के लिए गुरुवार को रजौली में लगाए गए कैंप में आए लोगों की फरियाद भी नहीं सुनी और दोपहर 1:30 बजे ही आवेदन लेने वाले काउंटर को बंद कर दिया गया। जिसके कारण रजौली अनुमंडल क्षेत्र से आए कई बिजली उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं कई बिजली उपभोक्ताओं को काउंटर पर बैठे अधिकारी द्वारा यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि वे लोग जेई भगीरथ झा से आवेदन पर हस्ताक्षर करवा कर आवेदन दें तभी उनके आवेदन लिए जाएंगे।विभागीय नियम-कानूनों से अंजान दर्जनों महिला-पुरुष उपभोक्ता जब बिजली जेई भगीरथ झा के पास हस्ताक्षर करवाने पहुंचे तो पता चला कि बिजली जेई भागीरथ आज अपने कार्यालय में है ही नहीं। कैम्प में आए लोगों ने रजौली डिवीजन के कार्यपालक अभियंता से भी मिलने की कोशिश की। लेकिन वे भी किसी कार्यवश कार्यालय में नहीं थे। जिसकी वजह से गुरुवार को बिजली बिल सुधार कैंप में आए उपभोक्ताओं का बिजली बिल में सुधार नहीं हो सका। बिजली बिल सुधार करवाने के लिए अपनी फरियाद लेकर पहुंची रजौली के मनहर गांव निवासी रतन सिंह की पत्नी ने बताया कि पिछले महीने 3 अक्टूबर को ₹1540 का बिजली बिल आया था। लेकिन उसके अगले महीने बिजली विभाग द्वारा ₹12740 रुपए का बिजली बिल भेज दिया गया। वहीं अकबरपुर प्रखंड के रजहत गांव के मो राजा कुरैशी के परिजन ने बताया कि 29 अक्टूबर को ₹ 1157 रुपए का बिजली बिल आया था। लेकिन अगले महीने नवंबर में 30 नवंबर को उन्हें ₹9569 का बिजली बिल भेज दिया गया। रजौली के कुंडला मोहल्ला निवासी सुंदर यादव ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा 26 सितंबर 2021 को ₹2902 का बिल भेजा गया था। लेकिन 2 महीने में उसका बिल बढ़कर ₹6159 हो गया। जिसे देने में वह असमर्थ है। हरदिया सेक्टर बी निवासी उमेश ठाकुर ने बताया कि वह हर महीना बिजली दिल देते हैं। बावजूद उन्हें 24 अक्टूबर को ₹8741 का बिल भेज दिया गया। इसी तरह रजौली के करमाकला निवासी रामाशीष साव ने बताया कि 16 नवंबर 21 से पहले उसका ₹13365 का बिजली बिल बकाया था। लेकिन 16 नवंबर को बिजली विभाग द्वारा उन्हें ₹22900 का बिल भेज दिया गया। रजौली के बलिया निवासी अर्जुन मिस्त्री ने बताया कि वह हर महीने बिजली बिल जमा कर देते हैं। बावजूद 8 अक्टूबर को सितंबर महीने तक का बिल ₹9516 का भेज दिया गया है। ऐसे में वे कैसे बिजली बिल दे पाएंगे। गौरतलब है कि बिजली बिल की गड़बड़ी से सैकड़ों उपभोक्ता परेशान हैं। बावजूद बिजली विभाग का रवैया बदल नहीं रहा है। हालांकि जागरूक लोग तो लोक शिकायत निवारण कार्यालय पहुंचकर उनका दरवाजा खटखटाते हैं, लेकिन अधिकांश ग्रामीणों को इस कार्यालय की जानकारी तक नहीं है। ऐसे में वे लोग दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। बिल जमा नहीं करने पर बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा बिजली काट देने की धमकी तक दी जाती है। आखिर भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान उपभोक्ता जाएं तो जाएं कहां और किससे फरियाद करे। हालांकि इस संदर्भ में रजौली डिवीजन के कार्यपालक अभियंता यासिर अराफात से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन मोबाइल से उन पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं जेई भागीरथ झा ने बताया कि बिजली बिल सुधार का यह कैंप अनुमंडल स्तर पर सबडिवीजन ऑफिस में लगा है। 7 दिसम्बर को रजौली प्रखंड स्तर पर बिजली बिल सुधार के लिए कैंप का आयोजन होगा। इसलिए जिन लोगों के बिजली बिल का सुधार गुरुवार को नहीं हो पाया है। वे लोग 7 दिसंबर को प्रखंड स्तर पर लगने वाले बिल सुधार कैंप में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के आलोक में बिजली बिल सुधार के लिए कोशिश की जाएगी।

रिपोर्ट : ऋषभ कुमार(रजौली)

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