किसान आन्दोलन समाप्त कल 11 दिसंबर को घर वापसी

तेघरा ( बेगूसराय) भारत सरकार ने आधिकारिक ड्राफ्ट दिया संयुक्त किसान मोर्चा को, जिस पर सहमति बन गयी है। 378वें दिन तक चले इस आन्दोलन को 11 दिसम्बर को जश्न के साथ वापस जाने का निर्णय लिया है। अमल के मूल्यांकन और अगली रणनीति के लिए 15जनवरी 2022 को दिल्ली में बैठक होगी।
आज केंद्र सरकार का पत्र प्राप्त करने के बाद, जिसमें उसने एसकेएम द्वारा उठाए गए संदेहों को स्पष्ट किया है, अपनी बैठक में एसकेएम ने दिल्ली के आसपास के मौजूदा मोर्चों को वापस लेने का निर्णय लिया।
मुद्दों का समाधान इस प्रकार है:
1. 3 कृषि कानूनों को वापस ले लिया गया है।
2. सरकार एमएसपी में मांग को पूरा करने के लिए एक समिति का गठन करेगी जिसमें एसकेएम के प्रतिनिधि भी सदस्य होंगे। समिति का कार्य यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी किसानों को एमएसपी का आश्वासन कैसे दिया जा सकता है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि राज्यों में एमएसपी पर फसलों की सरकारी खरीद को, जो खरीद की जा रही है, उससे कम नहीं किया जाएगा।
3. सरकार के पत्र में कहा गया है कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के विभागों द्वारा आंदोलन के दौरान दर्ज सभी केसों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया जाएगा।
4. राज्य सरकारें इस आंदोलन में शहीद हुए सभी लोगों के परिवारों को मुआवजा प्रदान करेंगे, जिसके लिए हरियाणा और यूपी ने अपनी सहमति दे दी है और पंजाब ने पहले ही अपनी घोषणा कर दी है।
5. बिजली विधेयक पर एसकेएम सहित सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने के बाद ही संसद में चर्चा की जाएगी।
6. पराली जलाने से संबंधित अधिनियम की धारा 14 और 15 के प्रावधानों से किसानों पर आपराधिक दायित्व को हटाया जाएगा।

अशोक कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

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