फोरलेन कम्पनी द्वारा नाली ध्वस्त करने से मोहल्ले के दर्जनों घरों में घुसा नाली का पानी

बीते एक सप्ताह से मोहल्ला वासियों जीवन बना नरक

Nawada : रजौली प्रखण्ड क्षेत्र के एनएच31 के किनारे अवस्थित टकुआटांड़ पंचायत के गोपालनगर मोहल्ले में बीते सप्ताह से नाली का पानी घरों में घुसने से लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।गोपालनगर निवासी बंटी सिंह ने बताया कि विगत 20 वर्षों से मोहल्ले के नालियों का पानी एनएच31 के किनारे बने नालियों से सुगमता पूर्वक जा रहा था।विगत एक सप्ताह पहले फोरलेन निर्माण कम्पनी गाबर कंस्ट्रक्शन द्वारा एनएच के किनारे बने नालियों को ध्वस्त कर दिया गया।जिसके कारण नाली में बहने वाले हजारों घरों का पानी बाहर न जाकर घरों के अंदर घुसने लगा।जिससे दर्जनों घरों में गंदे जल के जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।सभी मोहल्लेवासी घरों में गंदगी पानी के जमाव के कारण लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।वहीं मोहल्लेवासी राजू पाण्डेय ने बताया कि फोरलेन कम्पनी के लापरवाही के कारण मोहल्ले के नालियों को तोड़ दिया गया।जिससे घरों में नालियों का पानी घुसने से लोग घुट-घुट कर जीने को मजबूर हैं।अभी ठंड के दिनों में ऐसी हालात है।तो बरसात के दिनों में कितनी भयानक स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।वहीं मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी कन्हैया कुमार को सोमवार को की गई।किन्तु उनके पहल से भी किसी प्रकार का निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। मोहल्ले में घरों के समीप गंदा पानी कभी भी कालाजार डायरिया समेत अन्य कई भयंकर बीमारी का रूप ले सकता है।इसको अगर जल्द से जल्द सुधारा नहीं गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए वाद्य होंगे।हालांकि मोहल्लेवासियों ने पहले अनुमण्डल पदाधिकारी आदित्य कुमार पीयूष को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाने की बात कही है।

रिपोर्ट : ऋषभ कुमार (रजौली)

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