मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शुरू हो रही समाज सुधार यात्रा को RJD ने नौटंकी यात्रा करार दिया।

Patna : 22 जनवरी से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शुरू हो रही समाज सुधार यात्रा को RJD ने नौटंकी यात्रा करार दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर किए ट्वीट में कहा है, ‘समाज सुधार नौटंकी यात्रा पर सीएम नीतीश आम जनों को छोड़ केवल पुलिसकर्मियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, जीविका दीदियों और मानदेय भोगियों को संबोधित करेंगे। प्रत्येक प्रतिभागी पर 275 रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रशासन समुचित वाहनों का प्रबंध करेगा। एक वाहन पर खजाने से पांच हजार रुपए खर्च किया जा सकता है।’

RJD ने वह पत्र भी सोशल मीडिया पर डाला

RJD ने वह पत्र भी ट्वीट कर डाला है जिसे जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बालामुरुगन डी ने बिहार के सभी जिलाधिकारियों को लिखा है। पत्र में कहा गया है कि जन सभाओं में सभा स्थल और इनसे जुड़ने वाले जिलों से लगभग 800 जीविका समूह की सदस्य भाग लेंगी। आयोजन पर होने वाले व्यय का भुगतान जीविका कार्यालय द्वारा जिला प्रशासन से प्राप्त विपत्र के अनुरूप किया जाएगा।कहा गया है कि जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा जीविका की प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार या भोजन व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अधिकतम 200 रुपए प्रति सदस्य खर्च किया जाएगा। पत्र में सभा स्थल तक लाने और फिर वापस पहुंचाने के लिए व्यवस्था करने की भी बात कही गई है। इस कार्य के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा। सभी संबंधित वाहनों में आवश्यक मेडिकल किट, सैनेटाइजर आदि की व्यवस्था की जाएगी और इसके लिए जिला परियोजना प्रबंधक अधिकतम 5000 रुपए तक व्यय कर सकेंगे।

प्रवचन देने के लिए अनाप-शनाप फिजूलखर्ची

RJD ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि एक तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि पिछड़ा राज्य है, संसाधनों का अभाव है और दूसरी तरफ अपनी सनक मिटाने के लिए सरकारी कर्मचारियों और मानदेय कर्मियों को प्रवचन देने के लिए अनाप-शनाप फिजूलखर्ची कर रहे हैं। राम जाने एक ही जगह 3-4 जिलों को इकट्ठा कर कौन सी लक्ष्यपूर्ति कर रहे हैं।

RJD की निष्ठा सिर्फ संपत्ति विकास सूचकांक में रही हैः JDU

JDU के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है, ‘संपत्ति विकास सूचकांक में लालू परिवार की निष्ठा रही है। उन्हें समाज सुधार में क्या रुचि होगी? मानव विकास सूचकांक को बेहतर करने में समाज सुधार यात्रा बड़ी भूमिका निभाएंगा। जीविका दीदी की भूमिका को लालू प्रसाद ने भी नकारा था। तब जीविका दीदी के लिए आए आवंटन को खर्च नहीं किया था। इसलिए जीविका दीदी से उनका स्वाभाविक नफरत है। समाज सुधार का काम तंत्र के लोग ही तो करेंगे, राजद के कार्यकर्ता तो करेंगे नहीं।’

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