स्वक्षता को लेकर नवनिर्वाचित मुखिया ने जताया नाराजगी:विशंभर पासवान

Darbhanga : देशभर में स्वच्छ भारत मिशन अभियान चल रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए गरीबों को शौचालय बनाने के लिए राशि दी जा रही है। अभियान को सफल बनाने में पूरा तंत्र जुटा हुआ है, लेकिन बिरौल प्रशासन स्वच्छता को लेकर बेपरवाह है। यही वजह है कि बिरौल प्रखंड कार्यालय में जगह-जगह कचरा का अंबार लगा है। शौचालय भी बेकार पड़ा है। इसे लेकर जिम्मेदार तंत्र की कोई चिंता तक नहीं है। सोमवार को बिरौल प्रखंड के अकबरपुर बेंक पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया विशंभर पासवान ने अचानक प्रखंड कार्यालय पहुंचे जैसे ही सौचालय का बदहाल स्थिति देखा मुखिया ने साफ सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे यही कहा जा सकता है कि स्वच्छता के प्रति जब अधिकारी ही गंभीर नहीं हैं तो आम लोगों से क्या अपेक्षा कर सकते हैं। स्वच्छता को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारियों ने स्वच्छता अभियान चलाया। इसमें भारी बजट खर्च किया गया, लेकिन दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड में परिणाम विफल है। यहां अभियान का असर दूर-दूर तक देखने को नहीं मिलता है। जहां से स्वच्छता अभियान के लिए जागरूकता फैलाया जा रहा है, वह कार्यालय ही खुद गंदगी से पटा हुआ है। प्रखंड और अंचल कार्यालय के इर्द-गिर्द गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पूरा कार्यालय झाड़ियों से घिरा हुआ है, लेकिन पदाधिकारी इस ओर गंभीर नहीं है।प्रखंड और अंचल कार्यालय के शौचालय में भी बेकार पड़ा हुआ है। शौचालय तो किसी काम का नहीं है। यहां सप्ताह में चार दिन यहां विभिन्न प्रकार की बैठकें या फिर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। शौचालय की स्थिति खराब रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। पदाधिकारी प्रतिदिन गांव-गांव घूम-घूमकर लोगों को बाहर में शौच से मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय में ही महिला-पुरुष कर्मी शौच के मजबूर रहते हैं। क्योंकि कार्यालय का शौचालय बेकार अवस्था में है। जहां सैकड़ों लोग रोज अपने काम के लिए पहुंचते हैं, उस कार्यालय का हाल एकदम दयनीय है, इधर बीडीओ प्रेम चंद्र सागर शीघ्र ही अभियान चलाकर प्रखंड कार्यालय की साफ-सफाई कराई जाएगी। इसके बाद नियमित सफाई की व्यवस्था की जाएगी।

रिर्पोट : कुंदन प्रसाद/दरभंगा

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