सारण : कालाजार उन्मूलन को लेकर राज्यस्तरीय टीम ने किया दरियापुर और परसा में निरीक्षण

ब्यूरो अमित कुमार सिंह

सारण : कालाजार उन्मूलन को लेकर राज्यस्तरीय टीम ने किया दरियापुर और परसा में निरीक्षण

• कालाजार के मरीजों से मिलकर लिया फीडबैक

• दरियापुर और परसा पीएचसी में सभी रिकार्ड की हुई जांच

• केयर इंडिया और पीसीआई की टीम ने किया दौरा

छपरा। स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार का प्रयास है कि जिले को कालाजार मुक्त बनाया जाये। इस दिशा में सकारात्मक कदम भी उठाये जा रहें है। जिले में लगातार कालाजार मरीजों की संख्या में कमी भी आ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को केयर इंडिया के स्टेट कन्सलटेन्ट डॉ. वीके रैना और पीसीआई राज्य कार्यक्रम समन्वयक अशोक सोनी के द्वारा जिले के दरियापुर और परसा में निरीक्षण किया गया। सबसे पहले परसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. वीके रैना ने कालाजार के मरीजों से संबंधित रजिस्टर और आवश्यक कागजात की जांच की गयी। इस दौरान एक-एक बिन्दुओं पर गहनता के साथ जांच की गयी। उनके द्वारा वहां पर मौजूद डॉक्टर और कर्मियों से कालाजार मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गयी।

मरीज से लिया फीडबैक:
निरीक्षण के दौरान केयर इंडिया के डॉ. वीके रैना के द्वारा दरियापुर प्रखंड के जितवारपुर गांव में कालाजार के मरीज शदाब से आवश्यक पूछताछ की गयी। जब उन्हें कालाजार हुआ तो क्या लक्षण आये और कहां पर इलाज हुआ। सरकारी अस्पताल में इलाज हुआ तो क्या क्या सुविधाएं मिली। कितनों दिनों तक दवा खाने के बाद वह स्वस्थ हुए। इन सभी बिन्दुओं पर जानकारी ली गयी। इसके बाद दरियापुर पीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी के साथ बैठक कर आवश्यक चर्चा की गयी। उन्होने कहा कि मरीजों को मिलने वाली सभी सुविधाओं को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाये। उन्हें क्षतिपूर्ति राशि समय से दिया जाये। हर ट्रीटमेंट सेंटर में इलाज किया जाये। ताकि कालाजार मुक्त जिला बनाया जा सके।

कालाजार मुक्त बिहार के लिए सरकार प्रतिबद्ध:
डॉ. वीके रैना ने कहा कि बिहार कालाजार उन्मूलन की ओर अग्रसर है। कालाजार मुक्त बिहार के लिए स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में समुदाय स्तर पर कार्य भी किये जा रहें है। कालाजार से बचाव के लिए प्रति वर्ष दो बार गांव-गांव में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सिंथैटिक पैराथाइराइड का छिड़काव किया जाता है। सभी जगहों पर छिड़काव कराने से कालाजार संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। इस के साथ हीं साल में चार बार घर-घर जाकर कालाजार मरीजों की खोज की जाती है। दो बार आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा तथा दो बार छिड़काव कर्मियों के द्वारा मरीजों की खोज की जाती है। इस मौके पर केयर इंडिया के स्टेट कन्सलटेंट डॉ. वीके रैना, पीसीआई के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी अशोक सोनी, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह, भीबीडीसी अनुज कुमार, केयर इंडिया के डीपीओ आदित्य कुमार, सीफार के डीसी गनपत आर्यन, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, बीसी तेजनारायण, बीएचएम संजीव कुमार समेत अन्य मौजूद थे।

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