13 साल बाद एडवाइजरी बोर्ड का हुआ गठन, एचआईवी संक्रमितों की खोज होगी आसान ,एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए शुरू हुआ सर्वे

Nalanda : जिले में नए एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए सर्वे शुरू किया गया है। बोर्ड के सदस्य उच्च जोखिम समूह से जुड़े लोगों से संपर्क साधकर उनकी सूची तैयार करेंगे। 13 साल बाद कमेटी ऑफ एडवाइजरी बोर्ड (कैब) का गठन किया गया है। बिहारशरीफ व राजगीर पर विशेष तबज्जो दी गयी है। हालांकि, इसके सदस्य पूरा जिला में इस तरह का सर्वे करेंगे। इस दौरान वे आवदेन में दर्ज 21 बिन्दुओं का ब्योरा तैयार करेंगे। खासकर हॉट स्पॉट क्षेत्र, टाइप व मैप पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 
यह रिपोर्ट 15 जनवरी तक तैयार करनी है। उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे का माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा। हॉट स्पॉट से जुड़े थर्ड जेंडर (हिजड़ा), महिला सेक्स वर्कर, पुरुष सेक्स वर्कर व इंजेक्शन ड्रग यूजर्स की जन्मकुंडली भी तैयार की जाएगी। सदर अस्पताल में एचआईवी संक्रमितों की खोज के लिए चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी अजय बर्णवाल ने कहा कि इस तरह के लोगों के बीच जाकर बात करें।

उनसे जानकारी लें। तभी वास्तविक आंकड़े मिल पाएंगे। एचआईवी के फैलाव को रोकने के लिए जांच व इलाज सबसे आवश्यक है। इसमें लापरवाही का मतलब हम समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सीएस डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि इस तरह के आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग एड्स जैसी चुनौतियों का आसानी से सामना कर सकता है। उनकी पहचान के बाद नियमित कॉउंसिलिंग कर दवाएं देने की व्यवस्था है। अब सदर अस्पताल में ही एआरटी सेंटर खुल जाने से तीन जिला के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।

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