मलमास मेला की तैयारियों पर बड़ा सवाल — सुविधा जमीन पर या सिर्फ फाइलों में?
राजगीर: मलमास मेला को लेकर करोड़ों रुपये खर्च कर भव्य तैयारियों के दावे किए जा रहे हैं। प्रशासन अपनी उपलब्धियों की लंबी सूची गिना रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि महिलाओं के लिए बनाया गया जन सुविधा शौचालय अब तक ताला बंद पड़ा है।
जिस सुविधा को मेले में आने वाली हजारों महिलाओं की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया गया था, वह आज सिर्फ फोटो खिंचवाने और सरकारी रिपोर्ट सजाने का जरिया बनकर रह गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह शौचालय आम महिलाओं की सुविधा के लिए बना है या सिर्फ अधिकारियों की “काम पूरा” दिखाने वाली औपचारिकता के लिए?
मेले में रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन महिलाओं को अब भी बुनियादी सुविधा के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। करोड़ों की तैयारी के दावों के बीच यह बंद पड़ा शौचालय प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोल रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस शोपीस बने जन सुविधा केंद्र का ताला कब खुलवाता है, या फिर यह सिर्फ कागजों और कैमरों तक ही सीमित रहेगा।
