Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

Tania
Social Work

ब्राउन शुगर का नशा बना युवाओं की मौत का कारण..आखिर जेन Z नशे का क्यों हो रहा आदी ?

Blog Image
1433

बिहारशरीफ : जहर की सबसे खतरनाक खेप 'ब्राउन शुगर' ने जिले के युवा वर्ग को अपनी जंगली आग की तरह जकड़ लिया है। 15 से 25 वर्ष के युवाओं के बीच मौत का सफर बन चुका यह नशा, हर मोहल्ले और गांव में तेजी से पैर पसार रहा है। नशे की दलदल में फंसे ये युवा न सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवारों की खुशियों को भी उजाड़ रहे हैं। बीते दिनों नूरसराय थाना क्षेत्र के ककड़िया गांव से ताजा रिपोर्ट में पुलिस ने रात-दिन की कड़ी छापेमारी के दौरान 11 नशेड़ी गिरफ्तार किए हैं। ये गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है जब जिले में ब्राउन शुगर के खौफनाक मामले लगातार बढ़ रहे हैं और स्थानीय पुलिस से लेकर प्रशासन तक गंभीर चिंता में है। इतना ही नहीं, सुनने में आया है कि कई परिवार शर्म या समाज के दबाव के कारण इस बेहद खतरनाक समस्या को नकारते रहे हैं, जिससे नशे की वजह से हो रही मौतों का सही आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा। बावजूद इसके, महीने में औसतन 2-3 मौतें नशे के चलते हो रही हैं, यह उनके लिए चेतावनी की घंटी है जो अभी भी आंखें बंद किए बैठे हैं। नशा मुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. राममोहन सहाय ने साफ किया है कि नशा शरीर को धीरे-धीरे खत्म कर देता है, भूख-प्यास खत्म हो जाती है और आखिर में मौत आकर दस्तक देती है। जो लोग इलाज के लिए आते हैं, उनमें से कई गलत संगत या कमजोर निगरानी के कारण फिर से नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। हर मोहल्ले में चलंत नशा दुकानें, छोटे-छोटे तस्कर, और खुले में नशा करते जवान, ये सब एक संगठित तस्करी का हिस्सा हैं। पुलिस ने कहा है कि छोटे गिरोहों पर जबरदस्त कार्रवाई जारी है, लेकिन असली सरगना अभी भी छुपा हुआ है। थाना प्रभारी रजनीश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार युवकों का पतला नेटवर्क इस्लामपुर, आशानगर, खासगंज, लहेरी, महद्दीपुर समेत कई थाना क्षेत्रों तक फैला हुआ है। अब पुलिस की कार्रवाई की मुख्य दिशा बड़े तस्करों को पकड़ने पर केंद्रित है। यह वक्त है जागने का, सचेत होने का, वरना ब्राउन शुगर के जहर में डूबते युवाओं का सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा और आपके-हमारे परिवारों की खुशियों को चीरता रहेगा। पुलिस और प्रशासन से उम्मीद है कि अब वहषण की इस दीवार को तोड़ने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगा। यह खबर एक चेतावनी है हर अभिभावक और समाज के लिए—नशा नहीं, जल्लाद है जो जिंदगियां बर्बाद करता है। इसे रोकना अब हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

RPS

Related Post