पटना। घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला स्तर पर एक हेल्पलाइन स्थापित की गई है, जहां उपभोक्ता गैस से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना, शिकायत या जानकारी दे सकते हैं। यह हेल्पलाइन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक दूरभाष संख्या 0612-2219810 पर उपलब्ध रहेगी और प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से प्रखंड स्तर पर एलपीजी घरेलू गैस सिलेंडर से संबंधित शिकायतों के निवारण और गैस की जमाखोरी रोकने के लिए 28 धावा दल का गठन किया गया है। इसके अलावा गैस डीलरों के यहां पुलिस बल और दंडाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। गैस एजेंसी क्षेत्रों को विभिन्न सेक्टर, जोनल और सुपर जोनल क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जहां सेक्टर दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी और सुपर जोनल दंडाधिकारी की तैनाती की गई है।
इस व्यवस्था के तहत प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर के अधिकारियों को सेक्टर दंडाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता स्तर के अधिकारियों को जोनल दंडाधिकारी और अपर जिला दंडाधिकारी स्तर के अधिकारियों को सुपर जोनल दंडाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी गैस कंपनियों तथा वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। गैस की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया मिस्ड कॉल, एसएमएस, आईवीआरएस, व्हाट्सएप और ओटीपी के माध्यम से पहले की तरह जारी है। बुकिंग और अगली बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतराल निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि गैस कंपनियों के एरिया और फील्ड अधिकारियों, अपर जिला दंडाधिकारी आपूर्ति, विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन तथा सभी अनुमंडल पदाधिकारियों के साथ इस विषय पर लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक पैनिक बुकिंग नहीं करने की अपील की गई है।
जिला नियंत्रण कक्ष से विभिन्न गैस एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और उपभोक्ताओं द्वारा दी गई शिकायतों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस डीलरों और वितरकों के यहां नियमित निरीक्षण और छापेमारी करने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही ब्लैकमार्केटिंग और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

