बिहारशरीफ में नगर निगम और HPCL पेट्रोल पंप के बीच जबरदस्त टकराव छिड़ गया है। शहर के आशानगर स्थित पेट्रोल पंप का अप्रोच रोड नगर निगम की टीम ने अचानक तोड़ दिया, वह भी बिना किसी नोटिस या पूर्व सूचना के। पंप डीलर सुधांशु रंजन ने इसे "पूर्णतः मनमाना और अवैध कदम" बताते हुए जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है।
डीलर की मानें तो यह वही अप्रोच पथ है जिसे उन्होंने सरकारी अनुमति, पथ निर्माण विभाग के मानकों और पंचवर्षीय टैक्स के साथ बनाया था। लेकिन 4 दिसंबर 2025 को निगम की टीम कथित तौर पर अचानक धावा बोलते हुए सीधे रास्ते पर चढ़ गई और कुछ ही मिनटों में जगह को मलबे में बदल दिया।
डीलर का आरोप है कि मौके पर अधिकारियों से बार-बार कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने एक न सुनी। उनका कहना है कि पेट्रोलियम एक्ट के मुताबिक बिना अप्रोच पथ के पंप का संचालन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है और निगम ने इस पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस मनमानी कार्रवाई से न सिर्फ आर्थिक क्षति हुई है, बल्कि लाखों लीटर ईंधन वाले संवेदनशील प्रतिष्ठान की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
डीलर ने इस कदम के पीछे गलत मंशा होने का संकेत देते हुए पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
निगम की सफाई—दस्तावेज नहीं दिखाए, इसलिए कार्रवाई
जब नगर निगम के उपनगर आयुक्त शम्स राजा से इस विवाद पर बात की गई, तो उन्होंने बिलकुल उल्टा पक्ष रखा। उनका कहना है कि पंप संचालक से कार्रवाई से पहले कागजात मांगे गए, लेकिन उन्होंने केवल डीएम का एनओसी दिखाया, जबकि अन्य वैध दस्तावेज और नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस मौजूद ही नहीं था। अधिकारी के मुताबिक पथ को “ज्यादा नुकसान नहीं” पहुंचाया गया है।
शहर में चर्चा तेज…
अब मामला डीएम के दरवाजे पर है और शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है—क्या वाकई यह कार्रवाई नियम के तहत थी या नगर निगम की एकतरफा दबंगई? जांच के बाद ही सच सामने आएगा।

