नवादा: बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए बवाल के बाद रविवार को पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। दरअसल, 18 वर्षीय सूरज कुमार की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जिसके बाद इलाके में हिंसा भड़क गई। इस मामले ने अब प्रशासनिक हलचल मचा दी है।
शनिवार को दुर्गा पूजा मेले में बच्चों के विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भगदड़ मच गई थी। इसी दौरान सूरज तालाब में गिरकर डूब गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लाठीचार्ज के कारण हादसा हुआ और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने डूबते युवक की कोई मदद नहीं की। इससे गुस्साए लोगों ने गोविंदपुर थाना का घेराव कर दिया और बाजार में टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। पथराव, आगजनी और आंसू गैस छोड़ने की नौबत तक आ गई। घटना में 6 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए और इलाका कुछ देर के लिए रणक्षेत्र बन गया।
रविवार को आईजी-एसपी का निरीक्षण, दो अधिकारी लाइन हाजिर
रविवार को मगध रेंज के आईजी छत्रनील सिंह और नवादा एसपी अभिनव धीमान गोविंदपुर पहुंचे और घटना की जांच की। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद लापरवाही के आरोप में एएसआई आजाद सिंह और एसआई प्रीति कुमारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसपी धीमान ने बताया कि आईजी ने मामले की गहन जांच का निर्देश दिया है और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
एफआईआर दर्ज, वीडियो फुटेज के आधार पर जांच शुरू
एसडीपीओ गुलशन कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई है। पुलिस ने इस मामले में 8 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।
इलाके में तनाव, जांच पर टिकी निगाहें
घटना ने पुलिस और जनता के बीच अविश्वास को उजागर कर दिया है। रविवार को स्थिति नियंत्रण में रही लेकिन माहौल में तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों और प्रशासन दोनों की निगाहें अब आईजी-एसपी की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

