पटना: पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच ने अब नया और अहम मोड़ ले लिया है। फॉरेंसिक साइंस लैब की बायोलॉजिकल रिपोर्ट विशेष जांच टीम यानी SIT को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की आशंका को पूरी तरह नकारा नहीं गया है। जांच के दौरान छात्रा के कपड़ों से ऐसे सैंपल मिलने की बात सामने आई है, जो यौन उत्पीड़न की ओर इशारा करते हैं।
एफएसएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिपोर्ट सौंपे जाने की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिपोर्ट का विस्तृत ब्योरा पुलिस और SIT की ओर से ही सार्वजनिक किया जाएगा। इस बीच मामले को लेकर पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब तक 45 से 50 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के गहन विश्लेषण के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
यह पूरा मामला 6 जनवरी का है, जब छात्रा चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी। बताया गया कि वह 5 जनवरी को ही अपने घर जहानाबाद से पटना लौटी थी। गंभीर हालत में उसे पहले कंकड़बाग के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्रभात मेमोरियल अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद उसे मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
शुरुआती जांच में पुलिस ने घटनास्थल की जांच, एफएसएल टीम, सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल संचालक, वार्डन और डॉक्टरों के बयानों के आधार पर यौन हिंसा की संभावना से इनकार किया था। लेकिन पीएमसीएच से आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान, बल प्रयोग और जबरन संबंध बनाए जाने के संकेत मिलने की बात भी सामने आई।
इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। छात्रा के पिता ने चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद जांच SIT को सौंप दी गई। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच की रफ्तार तेज होने और सच्चाई के जल्द सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

