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Tania
Bihar

NEET छात्रा मौत मामले में SIT जांच अंतिम चरण में ? पूर्व थानाध्यक्ष से घंटों पूछताछ

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पटना: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और पुलिस किसी भी समय बड़ा खुलासा कर सकती है। गुरुवार को SIT की टीम ने इस मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं दूसरी ओर तत्कालीन थानाध्यक्ष से भी लंबी पूछताछ की गई है, जिससे जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है।

घटना सामने आने के बाद शुरुआती दौर में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच में छात्रा के साथ हैवानियत की पुष्टि होने के बाद मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया। इसके बाद आनन-फानन में SIT का गठन किया गया और जांच की रफ्तार तेज कर दी गई। SIT की अलग-अलग टीमों ने पटना से लेकर जहानाबाद तक दर्जनों लोगों से पूछताछ की, सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया, जिसके बाद टीम अब किसी ठोस निष्कर्ष के करीब पहुंच चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। इसी क्रम में चित्रगुप्त नगर थाना की पूर्व थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी को भी एसएसपी कार्यालय बुलाया गया, जहां वह स्कूटी से पहुंचीं और SIT की टीम ने एसएसपी कार्तिकेय शर्मा एवं अन्य वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे घंटों पूछताछ की।

बताया जाता है कि SIT की जांच अब अंतिम चरण में है और आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले का खुलासा अब ज्यादा दूर नहीं है। गौरतलब है कि बीते 6 जनवरी को जहानाबाद की रहने वाली एक नीट छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध हालत में बेहोश मिली थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 11 जनवरी को मेदांता अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई थी।


मौत के बाद परिजनों ने हैवानियत की आशंका जताते हुए गांधी मैदान के पास शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे और डीजीपी के निर्देश पर SIT का गठन किया गया, जिसकी मॉनिटरिंग आईजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जांच के दौरान कई लोगों के ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं। मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है, जहां विपक्ष ने सरकार और पुलिस पर निशाना साधा, वहीं सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

RPS

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