बेगूसराय: उप विकास आयुक्त बेगूसराय आकाश चौधरी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत गोवर्धन योजना के तहत तेघड़ा स्थित गौशाला में स्थापित क्रियाशील सामुदायिक बायो-गैस इकाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बायो-गैस प्लांट के इनलेट, डाइजेस्टर, आउटलेट और कम्पोस्टिंग यूनिट का गहन अवलोकन किया। इस क्रम में वे स्थानीय उपभोक्ता रामाज्ञा यादव के घर भी पहुंचे और बायो-गैस की निर्बाध आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। उप विकास आयुक्त ने सामुदायिक बायो-गैस इकाई से आयवृद्धि की संभावनाओं पर विशेष बल देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी, तेघड़ा और क्रियान्वयन एजेंसी के प्रतिनिधि को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लांट के लिए गोबर की आपूर्ति केवल गौशाला तक सीमित न रखते हुए स्थानीय किसानों से भी सुनिश्चित की जाए और इसके बदले किसानों को तैयार कम्पोस्ट उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों को प्रोत्साहन मिले और प्लांट का सतत संचालन सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजना को और प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी तेघड़ा, डीपीओ जिला समन्वयक लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, बीपीएम जीविका, गौशाला के प्रतिनिधि और सावित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त ने बिहार सरकार की सात निश्चय तीन योजना के अंतर्गत साथी इनिशिएटिव के तहत खेल मैदानों के विकास की कड़ी में तेघड़ा प्रखंड स्थित यमुना भगत स्टेडियम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जिले में खेल से जुड़े एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जानी है और इसके तहत यमुना भगत स्टेडियम में लगभग 300 बच्चों को फुटबॉल प्रशिक्षण देने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। उल्लेखनीय है कि यह स्टेडियम खेलो इंडिया के तहत राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल टूर्नामेंट के सफल आयोजन का साक्षी रहा है। जिला प्रशासन, बेगूसराय द्वारा इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां खिलाड़ियों के लिए आवासीय हॉस्टल सहित अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

