पटना: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रेलवे परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना के महेंद्र घाट स्थित रेलवे निर्माण भवन में देर रात छापेमारी कर रिश्वत देते चार लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से रेलवे विभाग और निर्माण कंपनियों में हड़कंप मच गया है।
CBI के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनूप सिंह, सहायक महाप्रबंधक गौरव कुशवाहा, अकाउंटेंट आकाश पात्रा और धीरज विरमानी शामिल हैं। आरोप है कि ये सभी रेलवे परियोजनाओं के तहत किए गए निर्माण कार्यों के बिल भुगतान को स्वीकृत कराने के एवज में रेलवे अधिकारियों को 7.79 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत दे रहे थे।
इस मामले में CBI ने रेलवे के मुख्य अभियंता अनिल कुमार समेत कुल 11 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। एजेंसी लंबे समय से रेलवे परियोजनाओं में गड़बड़ी और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों की जांच कर रही थी। जांच के दौरान यह जानकारी मिली थी कि रेलवे निर्माण भवन में अधिकारियों और निर्माण कंपनियों के बीच अवैध लेन-देन चल रहा है।
सूचना के सत्यापन के बाद CBI ने जाल बिछाया और देर रात जब कंपनी के प्रबंध निदेशक अपने सहयोगियों के साथ रिश्वत की रकम लेकर जा रहे थे, उसी दौरान टीम ने सभी को रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
गिरफ्तार आरोपियों को CBI ने विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को सात दिनों के पुलिस रिमांड पर CBI को सौंपने का आदेश दिया। CBI की इस कार्रवाई को रेलवे परियोजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

