Patna : बिहार सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को एक बार फिर “विशेष स्थानीय प्रकृति की आपदा” की श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है, जिससे मृतकों के परिजनों और गंभीर रूप से घायलों को त्वरित अनुग्रह अनुदान मिल सकेगा।
दरअसल, वर्ष 2015 में इस व्यवस्था के तहत सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं में सहायता दी जाती थी। बाद में 2021 में बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं को इस श्रेणी से हटा दिया गया था और मृत्यु पर ₹5 लाख तथा गंभीर घायल को ₹50 हजार के अंतरिम मुआवजे का प्रावधान किया गया था। हालांकि, इस व्यवस्था को बाद में समाप्त कर दिया गया और मुआवजा दावों में प्रक्रियात्मक देरी की समस्या सामने आई।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने पुनर्विचार करते हुए अब सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को फिर से आपदा श्रेणी में शामिल कर लिया है। इसके तहत राज्य आपदा रिस्पॉन्स फंड (SDRF) से निर्धारित मानकों के अनुसार पीड़ितों को अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा, जिससे उन्हें तत्काल आर्थिक सहारा मिल सके। साथ ही, 15 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच की अवधि में हुई दुर्घटनाओं के मामलों को लेकर भी सरकार ने स्पष्टता लाई है। इस अंतरिम अवधि में प्रभावित मृतकों के परिजनों और गंभीर घायलों को भी सहायता देने के प्रस्ताव को मंत्रीपरिषद् से मंजूरी मिल चुकी है, बशर्ते उन्हें किसी अन्य स्रोत से मुआवजा प्राप्त न हुआ हो। सरकार का यह कदम न केवल राहत पहुंचाने वाला है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों को बिना देरी के आर्थिक सहायता मिल सके।
