Patna : नई सरकार, नया जोश… और फैसले भी ऐसे कि पूरे बिहार में चर्चा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जैसे ही सत्ता संभाली, उसी के अगले ही दिन उनकी पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों ने साफ कर दिया—सरकार धीमे कदमों से नहीं, बल्कि बड़े और तेज बदलाव के इरादे से आई है। करीब एक घंटे चली इस बैठक में 22 एजेंडों पर मुहर लगी, लेकिन इन फैसलों का असर सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहने वाला—ये सीधे सड़क, शहर, मंदिर, नौकरी और सुरक्षा तक दिखेगा।
सड़क पर दिखेगा बदलाव: पुलिस को मिला ‘नया दम’
अब बिहार में कानून-व्यवस्था सिर्फ कागजों पर नहीं, सड़कों पर भी तेज नजर आएगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी देने का ऐलान किया।साथ ही 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल दी जाएंगी। इसके लिए कुल 66.75 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस फैसले का मतलब सिर्फ वाहन देना नहीं है बल्कि -
👉 महिला पुलिस की मोबिलिटी बढ़ेगी
👉 शहरों और कस्बों में फास्ट रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत होगा
👉 और सबसे अहम, पुलिसिंग का चेहरा ज्यादा एक्टिव और विजिबल बनेगा
सोनपुर में ‘काशी जैसा सपना’ – 680 करोड़ का मेगा प्लान
अगर आप धार्मिक आस्था से जुड़े हैं, तो यह खबर आपको सबसे ज्यादा उत्साहित करेगी।सरकार ने ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर (सोनपुर) को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने का फैसला लिया है। इसके लिए 680 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मंजूरी दी गई है। सोचिए जहां अभी साधारण दर्शन होते हैं, वहां आने वाले समय में भव्य गलियारे, आधुनिक सुविधाएं, श्रद्धालुओं के लिए शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर। यानी बिहार को मिलेगा अपना ‘मिनी काशी’, जो देश-विदेश के टूरिज्म मैप पर नई पहचान बना सकता है।
11 नए शहर बसेंगे, लेकिन अभी लगेगा ‘ब्रेक’
सरकार ने शहरीकरण को लेकर भी बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला है। पटना समेत 11 शहरों के आसपास सैटेलाइट टाउनशिप बसाने का फैसला हुआ है। इन टाउनशिप को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए नाम दिए गए हैं।
- पटना: पाटलिपुत्रा
- दरभंगा: मिथिला
- मुजफ्फरपुर: तिरहूत
- भागलपुर: विक्रमशीला
- सहरसा: कोसी
(और अन्य शहर शामिल)
इन इलाकों में 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगाई जाएगी।
क्यों? ताकि विकास बिना अव्यवस्था के हो, पहले मास्टर प्लान तैयार होगा। फिर सुनियोजित तरीके से शहर बसेंगे। इसका मतलब है, भविष्य में कम ट्रैफिक, बेहतर प्लानिंग और ज्यादा निवेश, पुराने शहरों पर दबाव भी कम होगा।
युवाओं पर बड़ा दांव: 3615 करोड़ का स्किल प्लान
सरकार ने साफ संकेत दिया है कि रोजगार सिर्फ वादों से नहीं, सिस्टम से आएगा। 75 ITI संस्थानों को हाईटेक बनाने के लिए 3615 करोड़ रुपये। आधुनिक मशीनें, नई तकनीक और इंडस्ट्री-रेडी ट्रेनिंग। इससे बिहार के लाखों युवाओं को सीधे रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का फायदा मिलेगा।
IIT पटना में बनेगा रिसर्च हब
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए IIT पटना में 480 करोड़ रुपये का रिसर्च पार्क बनेगा। सरकार देगी 305 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जायेगा । इसका सीधा असर ये होगा कि स्टार्टअप बढ़ेंगे, नई कंपनियां आएंगी, बिहार का टेक सेक्टर मजबूत होगा।
बड़े शहरों में सुरक्षा भी हाईटेक
पटना के बड़े-बड़े भवन—जैसे बिस्कोमान, बापू टावर, ज्ञान भवन—अब आग से सुरक्षा के लिए और ज्यादा तैयार होंगे। 18 करोड़ रुपये से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और एरियल लैडर खरीदे जाएंगे। यानी आपदा के वक्त तेज और ऊंची रेस्क्यू क्षमता होगी।
पहली ही कैबिनेट में सरकार ने जो फैसले लिए, उससे तीन बड़े संकेत साफ हैं:
1. इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
2. युवाओं और रोजगार पर फोकस
3. धार्मिक और पर्यटन विकास को बढ़ावा

