शहर के बीच 'बेसहारा' स्कूल: शिक्षकों की बहाली में 'भेदभाव', मजबूरी में छात्र ही बन गए शिक्षक
- जिस विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा मिलती थी अब वहां शिक्षक के अभाव में वर्ग का संचालन छात्र करते हैं
- कभी गांधी जी का सपना था पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा का भी प्रशिक्षण एक ही विद्यालय में मिले
- बेगूसराय जिले में पांच राजकीय बुनियादी विद्यालय है
- इस विद्यालय में शिक्षकों की बहाली प्रमंडलीय स्थापना कमेटी से होती थी
- इस विद्यालय के शिक्षक बीइओ,डीपीओ व डीओ बनते थे
Begusarai : बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार दीर्घ संकल्पित है । जिसके लिए शिक्षा में सुधार के लिए कई संशोधन भी किए गए हैं । और शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षक की भी काफी संख्या में बहाल की गई है । लेकिन सरकार के सपनों को जमीन पर उसके पदाधिकारी ही साकार नहीं होने देना चाह रहे हैं । टीआरई थ्री बहाली में भी शहरी क्षेत्र में शिक्षकों की बहाली नहीं कर इसकी अनदेखी की गई है । शहरी क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी है इसकी जानकारी विभाग के वरीय पदाधिकारी को है उसके बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में जिस विद्यालय में पहले से काफी अधिक संख्या में शिक्षक हैं फिर वही पर शिक्षक भेजी गई है । नगर में जहां शिक्षक नहीं है वहां स्थानीय लोगों को आशा था जो टीआरई थ्री बहाली में शिक्षकों को पदस्थापित कर सामंजस बैठाया जाएगा लेकिन यह नहीं हो सका ।
गांधी जी के सपनों को साकार करने के लिए पूर्व में सरकारों के द्वारा राजकीय बुनियादी विद्यालय की स्थापना की गई थी । बेगूसराय जिले में पांच बुनियादी विद्यालय हैं । राजकीय बुनियादी विद्यालय बजलपुरा की स्थापना 1938 में की गई थी । तेघड़ा अनुमंडल में इकलौता राजकीय बुनियादी विद्यालय तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 बजलपुरा में स्थित है । गांधी जी के सपनों को साकार करने के लिए राजकीय बुनियादी विद्यालय की स्थापना की गई । गांधी जी का सपना था बुनियादी विद्यालय में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी मिले । जिसके तहत बुनियादी विद्यालय में बढ़ई गिरी, लोहार गिरी, कृषि ,हस्त करघा सहित अन्य की विषय का प्रशिक्षण मिलता था । जिसे साकार रूप देने के लिए सरकार ने बुनियादी विद्यालय की स्थापना कर शुरू किया । लेकिन बाद के दिनों में विद्यालय की दिन प्रतिदिन बदहाली के कगार पर है । पहले राजकीय बुनियादी विद्यालय में शिक्षकों की बहाली प्रमंडलीय स्थापना कमेटी से होती थी । 1990 में अंतिम बार प्रमंडलीय स्थापना कमेटी के द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति की गई । इस विद्यालय के शिक्षक बीइओ, डीपीओ व डीओ बनते थे । बाद के दिनों में सरकार की उदासीनता के कारण इस विद्यालय को सामान्य विद्यालय के रूप में संचालित होने लगा । इस विद्यालय को प्रखंड शिक्षक के सहारे चलाए जाने लगा ।
शिक्षकों की कमी के कारण छात्र कर रहे हैं वर्ग संचालन
राजकीय बुनियादी विद्यालय बजलपुरा में नामांकित छात्रों की संख्या 207 है । जिसमें लगभग 190 छात्रों की उपस्थिति प्रतिदिन रहती है । इस विद्यालय में एक प्रभारी प्रधानाध्यापक है । अभी इस विद्यालय में चार शिक्षक प्रति नियुक्ति हैं जिसमें से एक शिक्षक प्रभात कुमार उर्दू मध्य विद्यालय फुलवरिया दरगाह जो बराबर बिना सूचना के एक महीना से अनुपस्थित हैं । कई बार इनकी शिकायत वरीय पदाधिकारी को की गई है । इस विद्यालय में वर्ग प्रथम से लेकर अष्टम तक की पढ़ाई होती है । इसमें वर्ग कक्षा की संख्या नो है । एक कार्यालय है और एक किचन है । शिक्षकों की कमी के कारण वर्ग प्रथम से लेकर पंचम तक वर्ग का संचालन अष्टम वर्ग के छात्र करते हैं ।
शिक्षकों की प्रोन्नति और बीएससी में चयनित होने के बाद शिक्षक चले गए
वर्ष 2024 के शुरुआत में इस विद्यालय में शिक्षकों की संख्या आठ थी । जिसमें तीन शिक्षक का बीपीएससी से चयनित होने के बाद चली गई । बीएससी के द्वारा पहले चरण में चयनित शिक्षिका पर प्रमिला कुमारी ,स्तुति कुमारी और कुंती कुमारी यहां से चली गई । जनवरी 2024 में इस विद्यालय के शिक्षक रंजीत कुमार और दिनेश कुमार राय को विभाग के द्वारा प्रोन्नति देकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बनाकर भेज दिया गया । विद्यालय की एक शिक्षिका मृदुला कुमारी एक मार्च 2024 तक नियमित रूप से विद्यालय का शिक्षण कार्य करती रही । दो मार्च को सक्षमता परीक्षा देने के लिए एक दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर गई इसके बाद से बगैर सूचना अभी तक अनुपस्थित है ।
शिक्षकों की कमी के कारण ग्रामीणों ने की थी विद्यालय में तालाबंदी
नवंबर 2024 में इस विद्यालय में शिक्षकों की कमी को देखते हुए कई बार शिक्षा समिति के द्वारा बीइओ को पत्र के माध्यम से शिक्षक देने का अनुरोध किया । शिक्षा समिति के अनुरोध पर इस विद्यालय में छह शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति बीइओ के द्वारा की गई थी । जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षक प्रतिनियुक्ति की मामला की जानकारी मिलते ही उन्होंने पत्र के माध्यम से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से पूछा आप किसके आदेश पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति किए हैं उसे तुरंत मूल विद्यालय भेजा जाए । उसके बाद सभी प्रतिनियुक्ति शिक्षक को मूल विद्यालय भेजा गया । इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार 30 अप्रैल 2025 का सेवानिवृत्ति हो गए हैं । इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक बचे । एक शिक्षक विद्यालय का संचालन कैसे करेंगे इसकी समस्या उत्पन्न हुई । शिक्षा समिति और ग्रामीणों के द्वारा शिक्षकों की कमी का शिकायत वरीय पदाधिकारी को किया । उसके बावजूद भी शिक्षक नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों के द्वारा विद्यालय में तालाबंदी की गई थी । विवाद बढ़ने के बाद विभाग की आंख खुली इसमें छह शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति किया गया । चार शिक्षक पुनःसक्षमता परीक्षा पास कर 31 दिसंबर 2024 को विशिष्ट शिक्षक बनने के बाद अपने मूल विद्यालय में योगदान देने हेतु वापस चले गए । इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार 30 अप्रैल 2025 को सेवानिवृत हो गए हैं वहीं अब प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर शिक्षक शशि भूषण सिंह 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत हो जाएंगे ।
बुनियादी विद्यालय बजलपुरा को है काफी जमीन
राजकीय बुनियादी विद्यालय बजलपुरा को काफी जमीन है । इस विद्यालय के दो बीघा जमीन पर वर्ष 2018 में माडल स्कूल की स्थापना की गई । वर्ष 2025 में इस विद्यालय के ढाई एकड़ जमीन में डिग्री कालेज का निर्माण किया जा रहा है । इस विद्यालय का बचा हुआ एक बीघा 11 कट्ठा जमीन जिस पर विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा बैठक में सुझाव दिया गया सरकार के द्वारा खेल मैदान का निर्माण करने के लिए
शशि भूषण सिंह प्रभारी प्रधानाध्यापक ने कहा कि राजकीय बुनियादी विद्यालय बजलपुरा में शिक्षक है ही नहीं । हम लोगों को आशा था टीआरथ्री बहाली में शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा लेकिन इस बार भी वरीय पदाधिकारी की अनदेखी का शिकार बना बुनियादी विद्यालय बजलपुरा । जिसके कारण विद्यालय संचालन में काफी कठिनाई हो रही है । विद्यालय संचालन के साथ-साथ मध्यान भोजन सहित विभागीय काम हेतु बीआरसी भी जाना पड़ता है । शिक्षकों की कमी के कारण वर्ग का संचालन सीनियर छात्र से कराते हैं । इस विद्यालय में शिक्षकों की अभाव की जानकारी पत्र के माध्यम से वरीय पदाधिकारी को दे चुके हैं।
राम उदय महतो ,बीइओ तेघड़ा ने कहा कि राजकीय बुनियादी विद्यालय बजलपुरा में शिक्षकों की कमी की जानकारी हमें पत्र के माध्यम से मिली है । इसकी सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी को दे दी गई है । उनसे आदेश मिलते ही पुनः शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी जाएगी।

