Biharsharif : देशभर में लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। नालंदा पुलिस ने तीन ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है जो 8 राज्यों की पुलिस के लिए वांटेड थे। इन तीनों पर कुल 37 मामले दर्ज हैं और अकेले नालंदा में इन्होंने 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है।
गिरफ्तार ठगों में भत्तु बिगहा गांव का राजकुमार, भैंसासुर मोहल्ला का विशाल कुमार और पटना के बख्तियारपुर स्थित नया टोला-माधोपुर का कुशाल राज उर्फ प्रिंस शामिल है। गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने बेन थाना क्षेत्र में छापेमारी कर इन्हें दबोच लिया।
पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस बरामद किए हैं। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—इन्होंने इंडसइंड बैंक का डाटा हैक कर 2 लाख से अधिक ग्राहकों की निजी जानकारी चुरा ली थी। फिर उन्हीं को फोन कर सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देते और धीरे-धीरे मोटी रकम ठग लेते थे।
साइबर डीएसपी ज्योति शंकर ने बताया कि ये ठग एक संगठित नेटवर्क के तहत कई राज्यों में सक्रिय थे और अब तक लाखों की ठगी कर चुके हैं। इनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी और तरीका इतना पेशेवर था कि लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि पीछे बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद एक बड़ा साइबर ठगी रैकेट बेनकाब हुआ है। सवाल उठता है कि बैंकों का इतना संवेदनशील डाटा आखिर लीक कैसे हो रहा है? कौन हैं वो लोग जो पर्दे के पीछे इस ठगी की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं? जांच जारी है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि अगर समय रहते पुलिस हरकत में न आती तो यह गिरोह देशभर में हजारों लोगों को अपना शिकार बना चुका होता।

