टी20 क्रिकेट विश्वकप के फाइनल में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया और लगातार दूसरी बार टी20 विश्वकप का खिताब अपने नाम कर लिया। मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम पूरी तरह न्यूजीलैंड पर हावी रही और अंत तक मुकाबला एकतरफा नजर आया।
फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित करते हुए दमदार शुरुआत की। भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बटोरते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर न्यूजीलैंड के सामने जीत के लिए कठिन लक्ष्य रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। लगातार गिरते विकेटों के बीच न्यूजीलैंड की पूरी टीम 159 रन पर ऑल आउट हो गई और भारत ने 96 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।
इस जीत के साथ भारत ने टी20 विश्वकप में तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले भारतीय टीम ने पहली बार 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टी20 विश्वकप जीता था। इसके बाद 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम ने दूसरी बार खिताब जीता और अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाया।

