बिहारशरीफ : शहर में धूमधाम से शुरू किए गए तथाकथित 'डिजनीलैंड मेला' की हकीकत सामने आने के बाद लोगों में रोष व्याप्त है। 28 मई से शुरू हुए इस मेले में आने वाले परिवार निराश होकर वापस लौट रहे हैं। मेले के नाम पर 20 रुपए प्रति व्यक्ति टिकट वसूलने वाले आयोजकों पर लूट का आरोप लग रहा है।
मेला घूमने गए एक परिवार ने बताया कि हमारे शहर का बाजार इससे कहीं बेहतर है। यहाँ तो बस 20 रुपए देकर अंदर जाइए और तुरंत बाहर आ जाइए। इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।
अधूरी तैयारी में ही क्यों किया उद्घाटन?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेले में अभी भी दुकानें बन रही हैं। फिर भी आयोजकों ने जल्दबाजी में उद्घाटन करवा दिया। मेले के अंदर केवल दो-तीन झूले के अलावा कुछ खास नहीं है। भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने मेले का उद्घाटन तो किया, लेकिन प्रतीत होता है कि उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा नहीं लिया।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी अधूरी तैयारी के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले की अनुमति कैसे दी। मेले में पर्याप्त स्थान नहीं होने से भीड़ नियंत्रण की समस्या हो सकती है।
अभी न जाएं मेला घूमने
यदि आप बिहारशरीफ के डिजनीलैंड मेला घूमने का प्लान बना रहे हैं तो फिलहाल रुक जाइए। आपका पैसा और समय दोनों बर्बाद हो सकता है। मेले की वर्तमान स्थिति देखकर लगता है कि यह अभी तैयार ही नहीं है ।आयोजकों से अपेक्षा की जाती है कि वे पहले मेले को पूर्ण रूप से तैयार करें, फिर लोगों से टिकट की फीस वसूलें। अन्यथा यह जनता के साथ धोखाधड़ी के समान है।

