बिहारवासियों के लिए खुशखबरी: महंगाई भत्ते में 11% की बंपर बढ़ोतरी, सुशील मोदी जयंती होगी राजकीय उत्सव, जीविका दीदियों को मिला अपना बैंक
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ऐतिहासिक निर्णयों की बौछार हुई। प्राचीन और पौराणिक महत्व वाले गया शहर का नाम अब औपचारिक रूप से 'गयाजी' होगा। सामान्य प्रशासन विभाग के इस प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है, जिससे इस पवित्र नगरी की आध्यात्मिक पहचान और भी मजबूत होगी।
कैबिनेट की इस मैराथन बैठक में कुल 69 एजेंडों पर मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे चर्चित फैसला महंगाई भत्ते में की गई धमाकेदार बढ़ोतरी रहा। 5वें वेतनमान के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 11%, छठे वेतनमान के कर्मियों को 6% तथा सातवें वेतनमान के कर्मियों को 2% का अतिरिक्त महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2025 से मिलेगा। इस फैसले से राज्य सरकार पर 1070 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
कैबिनेट ने भाजपा के दिग्गज नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी के जन्म दिवस 5 जनवरी को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। जेपी आंदोलन से राजनीति में आए मोदी 2005 से 2013 और 2017 से 2020 तक बिहार के वित्त मंत्री और नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके थे।
इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए जीविका दीदियों के लिए अलग कोऑपरेटिव बैंक बनाने की मंजूरी दी गई है, जिससे उन्हें आसानी से लोन मिल सकेगा। साथ ही, बिहार में 6 नए अंबेडकर छात्रावास, 45 नए आंगनबाड़ी केंद्र और 900 ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार बनाने को भी हरी झंडी मिली है।
कैबिनेट ने भागलपुर, गोपालगंज और अररिया में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करने, सहकारिता विभाग में 333 नए लिपिक पदों के सृजन और मुख्य जांच आयुक्त के कार्यालय में 125 पदों की स्वीकृति दी है। कैंसर से लड़ने के लिए कैंसर केयर अप रिसर्च सोसाइटी के गठन को भी मंजूरी मिली है।
अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने सेवा से अनुपस्थित रहने वाले पांच डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है। पटना मेट्रो के लिए 2 करोड़ 56 लाख 9 हजार करोड़ रुपए के भुगतान की अनुमति दी गई है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोधगया में बौद्ध ध्यान और अनुभव केंद्र के निर्माण हेतु 165 करोड़ 44 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता कॉरिडोर परियोजना के तहत डोभी मोड़ से बभनदेव जंगल तक चार लेन सड़क निर्माण के लिए 142 करोड़ 80 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।

