Nalanda : सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान रविवार को एक बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया जब नगर थाना की पुलिस ने सोगरा हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से सॉल्वर गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की तत्परता से एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है जिसमें बायोमेट्रिक ऑपरेटर की मिलीभगत से सॉल्वर को केंद्र में प्रवेश कराने का प्रयास किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर जिला के आयत थाना क्षेत्र के त्रिपुर साहिन गांव निवासी विकास सिंह, सॉल्वर बांका जिला के शंभूगंज थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी प्रितम प्रियदर्शी और बायोमेट्रिक ऑपरेटर रहुई के हवनपुरा निवासी अमन भारद्वाज शामिल हैं। थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि सॉल्वर प्रितम प्रियदर्शी विकास कुमार के नाम से परीक्षा देने पहुंचा था लेकिन उसके फोटो का मिलान नहीं हो रहा था जिससे तैनात पुलिस कर्मियों को संदेह हुआ। जांच में पता चला कि बायोमेट्रिक ऑपरेटर अमन भारद्वाज की मदद से सॉल्वर को केंद्र में एंट्री दिलाने का प्रयास किया जा रहा था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर असली अभ्यर्थी विकास कुमार सिंह को अंबेर चौक के पास से पकड़ा गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस धोखाधड़ी में कुल 80 हजार रुपये का लेनदेन हुआ है जिसमें ऑपरेटर ने अभ्यर्थी से 30 हजार रुपये और सॉल्वर ने 50 हजार रुपये लिए थे। यह सॉल्वर गिरोह पटना का है और पुलिस पूछताछ के आधार पर इस मामले की और गहराई से जांच कर रही है। तीनों आरोपियों पर नगर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।

