बिहारशरीफ : शिक्षा के नाम पर चल रहे धनेश्वर घाट के कोचिंग सेंटरों में एक बार फिर 'विशेष क्लास' का आयोजन हुआ है। इस बार का विषय था - लाठी-डंडे से व्यावहारिक शिक्षा! शनिवार को एक कोचिंग संस्थान में शिक्षक और गार्ड द्वारा छात्रों की बेरहमी से पिटाई के बाद दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्रों में 18 वर्षीय अमन कुमार (अस्थावां निवासी जितेंद्र राम का पुत्र) और 16 वर्षीय अजय कुमार (कौशलेन्द्र रजक का पुत्र) शामिल हैं। दोनों को प्राथमिक इलाज के लिए मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां अमन कुमार की गंभीर हालत को देखते हुए उसे विम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के तुरंत बाद आरोपी शिक्षक और गार्ड 'स्पेशल डिग्री' लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित अजय कुमार के अनुसार, कोचिंग क्लास में मेरे दोस्त के साथ विवाद हुआ था। जब हम दोनों मामले को सुलझाने गए तो शिक्षक और गार्ड ने मिलकर लाठी-डंडे से हम पर हमला कर दिया। किसी तरह हम जान बचाकर भाग निकले। अमन की मां ने बताया कि वह अपने दोस्त के जन्मदिन के बहाने बिहार शरीफ आया था, लेकिन जन्मदिन की जगह मिली 'मार के दिन' की सौगात।
जब कोचिंग सेंटर बन जाते हैं 'फाइटिंग क्लब'
यह कोई पहली 'मास्टर क्लास' नहीं है। पिछले महीने भी इसी इलाके के एक कोचिंग सेंटर में क्लासरूम में बैठने के विवाद में शिक्षक द्वारा छात्रा की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। उस मामले में भी कोचिंग संचालक 'डिग्री लेकर' अभी तक फरार है।
पुलिस की निष्क्रियता से बढ़ रही है घटनाएं
धनेश्वर घाट क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता के कारण मारपीट, फायरिंग और छेड़खानी की घटनाएं इतनी आम हो गई हैं। शिक्षा के नाम पर चल रहे इन संस्थानों में अनुशासन की जगह अराजकता का माहौल बन गया है। थानाध्यक्ष सम्राट दीपक का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर विधि संवत कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन का यह 'आंख मूंदकर सोने वाला' रवैया ही इन संस्थानों में बदमाशी को बढ़ावा दे रहा है। धनेश्वर घाट के कोचिंग सेंटरों में बार-बार होने वाली इन घटनाओं से साफ जाहिर है कि यहां शिक्षा के मंदिरों में अब ज्ञानी कम और बदमाश प्रवृत्ति के युवाओं को बढ़ावा मिल रहा है। माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में भेजते हैं, लेकिन मिल रही है केवल हिंसा और अराजकता। यदि प्रशासन द्वारा तत्काल सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो जल्द ही यहां के कोचिंग सेंटरों के नाम बदलकर 'मार-पीट इंस्टिट्यूट' रखने पड़ेंगे!

