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हृदयगति रुक जाने से हुई मौत, पूरा इलाका मातम में तब्दील।

Bihar 20-Apr-2023   9610
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Begusarai : बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रानी एक पंचायत स्थित बैंक बाजार निवासी चाय दुकानदार कंछो महतो की मौत हृदयगति रुक जाने से हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजन समेत पूरा इलाका मातम में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि चाय दुकानदार कंछो महतो बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे। इसी दौरान रविवार की रात अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। जब तक डॉक्टर के यहां ले जाया जाता तब तक उनका देहांत हो गया। बताते चले कि चाय दुकानदार कंछो महतो पिछले कई वर्षों से स्टेशन रोड बछवाड़ा में चाय दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। साथ ही डिस्ट्रिक्ट बोर्ड की जमीन पर झोपडपट्टी डालकर अपने परिवार का रहन-सहन चला रहे थे। इसी चाय दुकान से उन्होंने अपनी चार पुत्री का विवाह किया और अपने पुत्र को कुछ हद तक पढ़ाया लिखाया। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण बच्चे सही से पढ़ नहीं पाए। लोग कहते हैं कि जब बच्चे छोटे थे। तभी उनकी मां का देहांत हो गया था। जिसके बाद चाय दुकानदार ने दुकान चलाते हुए अपने बच्चों का परवरिश किया। धीरे-धीरे समय का चक्र चलता गया और बच्चे छोटे से बड़े हो गए। दुकानदार ने लोगों से कर्ज ले,किसी तरह इधर-उधर कर एवं अपनी आमदनी से चार पुत्रियों का विवाह किया। इधर एक पुत्र की मृत्यु के बरसों बाद एक पुत्र की शादी हुई। वही तीसरा पुत्र अविवाहित है। कहते हैं वक्त का मंजर बड़ा जबरदस्त होता है। किसी को पैदान से उठाकर ऊपर की मंजिल तक पहुंचा देता है और किसी को ऊपर की मंजिल से नीचे तक पहुंचा देता है। वैसा ही समय वर्ष 2020 कोरना काल आया और स्टेशन रोड की सभी दुकानें समेत पूरा भारत बंद हो गया। कई महीनों तक यह सिलसिला चलता रहा और जरूरतमंदों को अपने जीवन- यापन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस पीड़ा से उभरने के बाद जिंदगी जीने की एक नई उम्मीद जगी थी। लेकिन रेल प्रशासन की एक फरमान ने स्टेशन रोड स्थित जरूरतमंदों की दुकानों को हटाकर सड़कों पर रख दिया। जिन जरूरतमंदों में एक कंछो महतो भी थे। लोग कहते हैं यदि आज दुकानें खुली रहती तो उनकी मौत नहीं होती और वह किसी तरह अपना जीवन-यापन करते। आखिरकार इनकी मौत का जिम्मेदार कौन। सूत्र बताते हैं कि स्टेशन रोड बछवाड़ा ही नहीं रेलवे की अधिकांश बंदोबस्ती भुमि पर जरूरतमंद से ज्यादा गैर जरूरतमंद लोग कब्जा कर भवन बनाकर किराए पर लगाए हुए हैं। यदि आज जरूरतमंदों को उनका हक मिलने लगे तो उन्हें खुशहाल जीवन जीने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। लेकिन आज के समय में जरूरतमंद से ज्यादा गैर जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है। जिसका खामियाजा बेबस,बेसहारा,लाचार लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मृत्यु के पश्चात स्थानीय जनप्रतिनिधि,समाजसेवी,बुद्धिजीवी ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए ढाढस बढ़ाया।

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