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जुड़वा बेटियों को जन्म देकर मां मरी : सीएस ने लिया जायजा

Bihar 30-May-2023   9923
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बिहारशरीफ : जुड़वा बेटियों को जन्म देने के कुछ देर बाद मां की मौत हो गई। दोनों घर से 8 किलोमीटर दूर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती हैं। 12 दिन बीत गए हैं, लेकिन उन्हें देखने के लिए परिवार का कोई सदस्य तक नहीं आया है। दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल प्रबंधन पिता को लगातार फोन करके ले जाने के लिए कह रहा है। इसके बाद भी कोई लेने नहीं आ रहा है।मामला बिहार शरीफ सदर अस्पताल का है। दोनों बेटियों की देखरेख अस्पताल का स्टाफ कर रहा है।

जिले के महानंद पुर गांव के हरेंद्र पासवान की पत्नी रीना देवी ने 18 मई को दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। इसी दौरान मां की तबीयत बिगड़ गई। उसे सदर वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर दाह संस्कार के लिए चले गए, लेकिन फिर वापस लौटकर नहीं आए।सदर अस्पताल के एसएनसीयू में दोनों नवजात बच्चियों को रखा गया है। डॉक्टर मनोज ने बताया कि दोनों की बेहतर तरीके से एसएनसीयू में देखभाल की जा रही है। फिलहाल दोनों बच्चियां पूरी तरह से स्वस्थ हैं। घर जाने के लायक हैं। मैं बच्चियों के परिजन से अपील करना चाहता हूं कि अपने दोनों नवजात को ले जा सकते हैं।नालंदा सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि दोनों की समुचित देखरेख एसएनसीयू वार्ड में की जा रही है। 1 बच्ची का वजन 900 से 1 किलोग्राम है तो वहीं दूसरी बच्ची का वजन 1 किलो 200 ग्राम के आसपास है।सदर अस्पताल के अधिकारियों ने नवजात बच्चियों के परिजनों से संपर्क भी किया। 11 दिन तक कोई जवाब नहीं आया। बच्चियों को देखने तक कोई नहीं पहुंचा, जबकि सदर अस्पताल से महज 8 किलोमीटर दूर ही नवजात बच्चियों का घर है।

हालांकि 12वें दिन बच्चियों के दादा ने फोन पर कहा कि वह अगले 2 से 3 दिनों में आकर नवजात बच्चों को ले जाएंगे। फिलहाल वे लोग घर में श्राद्ध काम में व्यस्त हैं।अगर परिजन बेटियों को नहीं ले जाते हैं तो चाइल्ड हेल्पलाइन में बच्चियों को भेजा जाएगा। ताकि एडॉप्शन की प्रक्रिया की जा सके। फिलहाल बच्चियों को समुचित देखरेख की जरूरत है। इसलिए उन्हें एसएनसीयू वार्ड में रखा गया है।

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